मोदी सरकार के क्रूर सेक्शन 57 को सिरे से खारिज कर दिया
बात मान लेते करोड़ों लोगों के डेटा प्राइवेट कंपनी के पास नहीं जाता
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मोदी सरकार के क्रूर सेक्शन 57 को सिरे से खारिज कर दिया

– NDI24 नेटवर्क
नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आधार की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है, ‘कांग्रेस के लिए आधार सशक्तिकरण का माध्यम था। बीजेपी के लिए आधार जासूसी का टूल। कांग्रेस के विजन को समर्थन देने और प्रोटेक्ट करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का आभार।’ वहीं कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि बिना सोचे समझे मोदीजी फैसला करते। अगर हमारी बात मान लेते करोड़ों लोगों के डेटा प्राइवेट कंपनी के पास नहीं जाता। इसका दुरुपयोग होगा। आज सुप्रीम कोर्ट ने हमारी बात मानी। सुप्रीम कोर्ट ने ये कहा सरकार को नेशनल सिक्योरिटी का बहाना बना कर आधार का मिसयूज करे। अगर चाहिए उसके लिए कोर्ट जाना पड़ेगा। ये बहुत बड़ी जीत है। अगर पास हो जाता तो सरकार क्या करती आप इसका अंदाजा भी नहीं लगा सकते। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। एक ट्वीट में उन्होंने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट के आधार पर दिए निर्णय ने कांग्रेस पार्टी द्वारा उठाए सवालों पर नागरिकों के ‘निजता के अधिकार’ को स्वीकार किया। सुरजेवाला ने लिखा कि केंद्र की मोदी सरकार के निजता का लगा घोंटू सेक्शन 57 को खारिज किया। अब सरकार बैंक खातों, मोबाइल फोन, स्कूल आदि से नहीं जोड़ सकेगी।  उन्होंने लिखा कि सुप्रीम कोटज़् के आधार के फैसले ने व्यक्ति के निजता के अधिकार को बनाए रखा और मोदी सरकार के क्रूर सेक्शन 57 को सिरे से खारिज कर दिया है।

आधार डेटा डिलीट करने को कहा…

उधर, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आधार कार्ड की मदद से 90 हजार करोड़ रुपए की बचत की है। उन्होंने कहा कि आधार की वजह से चोरी रुकी है जिससे नई योजनाओं पर खर्च हो रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस आधार का आइडिया तो लाई थी, लेकिन उन्हें पता नहीं था कि इसके साथ करना क्या है। हमारी सरकार ने इसका फायदा आम लोगों को पहुंचाया। उन्होंने कहा कि कई लोग इसका विरोध भी कर रहे थे वो चाहते हैं कि हम डिजिटल को छोड़ दोबारा कागजी काम पर आ जाएं। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आधार को संवैधानिक नजरिए से जहां वैध बताया वहीं कोर्ट ने साफ  किया मोबाइल नंबर से आधार लिंक करना जरूरी नहीं है। किसी भी प्राइवेट सर्विस के लिए आधार अनिवार्य नहीं होगा। बैंक अकाउंट भी बिना आधार दिए खोले जा सकेंगे, लेकिन इसके लिए पैन कार्ड जरूरी होगा। पैन कार्ड को आधार से जोडऩा अनिवार्य है। आधार पर फैसला सुनाने वाली 5 जजों की संवैधानिक पीठ में एक जस्टिस चंद्रचूड़ ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को आधार डेटा डिलीट करने को कहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि मोबाइल फोन के साथ आधार डेटा लिंक करना इंडिविजुअल लिबर्टी पर खतरा है। उन्होंने अपने फैसले में टेलीकॉम ऑपरेटर्स से यूजर्स द्वारा कलेक्ट किया गया आधार डेटा डिलीट करने को कहा है।

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