BJP का प्रदेश भर में 200 स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया, हमारे लाडले महाराष्ट्र का 'तमाशा' बना रही है’ : चंद्रकांत दादा पाटिल

अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग तेज, अनिल देशमुख पर 100 करोड़ की वसूली का मामला

– NDI24 नेटवर्क
मुंबई. गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) पर 100 करोड़ रुपये की वसूली के मुंबई पुलिस के पूर्व मुखिया परमबीर सिंह के विस्फोटक पत्र के बाद गृह मंत्री से तुरंत पद छोड़ने की मांग को लेकर भाजपा ने आज प्रदेश भर में करीब 200 से ज्यादा जगहों पर आक्रामक प्रदर्शन किये। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल (Chandrakant Patil) ने कहा है कि महाविकास आघाड़ी (Mahavikas Aghadi) सरकार हमारे लाडले महाराष्ट्र का ‘तमाशा’ बना रही है, जो भाजपा को कतई स्वीकार नहीं है। पाटिल ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) से आग्रह किया कि महाराष्ट्र (Maharashtra) के लोगों के प्रति उनमें थोड़ी बहुत भी शर्म और जिम्मेदारी है, तो अनिल देशमुख को मंत्रिमंडल से तुरंत निकाल देना चाहिए।

आक्रामक विरोध प्रदर्शन…

भाजपा ने रविवार को राज्य भर में कई जगहों पर गृह मंत्री अनिल देशमुख को विरोध में प्रदर्सन किए एवं मंत्रिमंडल से उन्हें हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया एवं गिरफ्तारी दी। पुणे (Pune) में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल और नागपुर (Nagpur) में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के नेतृत्व में, भाजपा विधायकों, पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए तो मुंबई, पुणे, ठाणे, सांगली, सतारा, कोल्हापुर, नागपुर, अमरावती, जलगांव, अहमदनगर, नाशिक, औरंगाबाद आदि समेत जिला मुख्यालयों और यहां तक कि तालुका स्तर पर भी कुल करीब 200 से अधिक स्थानों पर आक्रामक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष पाटिल ने कहा है कि महाराष्ट्र के ही नहीं बल्कि देश के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि इस तरह से एक पुलिस अधिकारी ने गृह मंत्री पर मुंबई में पब, बार और रेस्टोरेंट्स से हर महीने 100 करोड़ रुपये वसूलने का आरोप लगाया हो। यह उद्धव ठाकरे के लिए बेहद शर्म की बात है कि इसके बावजूद अनिल देशमुख उनकी सरकार में प्रदेश के गृहमंत्री बने हुए हैं।

कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में लिया हिस्सा

महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुणे में पाटिल ने ठाकरे की अगुवाई वाली सरकार पर जोरदार हमला बोला। इस अप्राकृतिक गठबंधन के गृह मंत्री ने सरेआम 100 करोड़े रुपये की वसूली की बात करके महाराष्ट्र प्रदेश सहित राजनीति की गरिमा को खत्म कर दिया है, इसलिए उन्हें सरकार में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि देशमुख को अपने मंत्रिमंडल से तुरंत निकाल बाहर करने की जरूरत है। कानूनी राय खिलाफ होने के बावजूद सचिन वाझे की पुलिस सेवा में बहाली का साफ मतलब यही है कि वाझे की वापसी सरकार में ऑफिशियल कलेक्शन एजेंट बनाने के लिए ही की गई थी। सचिन वाझे, परमबीर सिंह और अनिल देशमुख तो संभवतया इस पूरे खेल में केवल प्यादे हैं और उनके पीछे की असली शक्तियों व उनके वास्विक इरादों की की जांच की जरूरत है। पाटिल ने उम्मीद व्यक्त की है कि एक बार वाझे ने एनआइए की पूछताछ में राज उगलने शुरू किए, तो सरकार की कोठरी से कई कंकाल बाहर निकलेंगे। मुंबई में प्रदेश भाजपा मुख्यालय के सामने भाजपा युवा मोर्टा ने प्रदर्शन किया, तो पुणे में अजंता टॉकीज के पास जोरदार प्रदर्शन करके अनिल देशमुख से इस्तीफा मांगते हुए भाजपा ने उद्धव ठाकरे से प्रदेश को बदनाम होने से बचाने की मांग की। प्रदेश भर में 200 से भी ज्यादा जगहों पर हुए प्रदर्शन में विधायकों, सांसदों एवं कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। पाटिल ने कहा है कि महाविकास आघाड़ी सरकार को हमारे लाडले महाराष्ट्र का ‘तमाशा’ बनाने का कोई अधिकार नहीं है।

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