बिल्डर्स को मनपा का दीपावली का तोहफा, पुनर्विकास में अब और भी ज्यादा राहत
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मुंबई के बिल्डरों को एरिया की जगह को लेकर भी अब पैसे देने की छूट

– NDI24 नेटवर्क
मुंबई.
महामारी कोविड19 की विभिन्न समस्याओं के बीच देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के बिल्डरों पर बृह्नमुम्बई महानगरपालिका (मनपा) मेहरबान नजर आ रही है। किराए की जमीनों का पुनर्विकास करते समय मनपा ने बिल्डरों को पहले ही हफ्ता भरने की छूट दे रखी थी। वहीं अब बिल्डरों को पहले से और ज्यादा राहत देते हुए मनपा ने किराए पर दी गई जमीन का विकास करते समय कुछ प्रतिशत में दिए जाने वाले एरिया की जगह को लेकर भी अब पैसे देने की छूट दे दी है। साथ ही राजनीतिक गलियारों में मनपा की ओर से बिल्डरों को मिली यह छूट दीपावली का तोहफा बताया जा रहा है। वहीं बिल्डरों को भी मनपा के इस निर्णय से कई उम्मीदें हैं।

पुनर्विकास 5 से 6 साल में पुरा करने का लक्ष्य…

विदित हो कि मनपा पहले भाड़े पर दिए गए भूखंड का पुनर्विकास करते समय प्रॉपर्टी शुल्क दो चरणों में वसूल करती थी। कोरोना महामारी से परेशान बिल्डरों को राहत देने और मनपा के भूखंडों के विकास के मद्देनजर बीएमसी ने दीपवाली गिफ्ट दिया है। अब बिल्डरों को पांच चरणों में विकास शुल्क भरने की आजादी होगी। वहीं मनपा की माने तो मनपा प्रशासन ने बिल्डरों को राहत देते हुए इमारत की ऊंचाई के अनुसार पुनर्विकास 5 से 6 साल में पूरा करना है। बिल्डरों को शुल्क भरने के लिए विकास का क्षेत्रफल और रेडिरेकनर के अनुसार शुल्क भरना पड़ेगा।

मनपा के 46 हजार के ज्यादा परिवार किराए पर…

मनपा ने बिल्डरों और आर्किटेक्ट की बैठक में राहत देने का निर्णय लिया गया है। मुंबई में मनपा के लगभग 3 से 4 हजार भूखंड हैं, जो किराए  पर दिए गए हैं। यह सभी भूखंड 99 से लेकर 999 साल के लिए लीज पर दिए गए थे। इस भूखंड पर निर्मित इमारतें जहां जर्जर हो चुकी हैं, वहीं अब इनका पुनिर्विकास करना भी बेहद जरूरी हो गया है। मनपा के लगभग 46 हजार 563 परिवार इन इमारतों में किराए पर रह रहे हैं। लीज पर दिए गए भूखंडों में अधिकांश भूखंड मुंबई के शहरी क्षेत्र में हैं, जिसमें बीआईटी चॉल समेत उपकर प्राप्त इमारतें शामिल हैं।

बिल्डर्स को लेना होगा निर्णय…

गौरतलब है कि इन इमारतों का पुनर्विकास मनपा विकास प्रारूप  2034 के अनुसार किया जाना है, जिसमें बिल्डर जो भी विकास करेंगे, उसका 25 प्रतिशत हिस्सा मनपा को देना अनिवार्य बनाया गया  है। वहीं मनपा की ओर से अब बिल्डरों से 25 प्रतिशत हिस्से में घर एवं दुकान लेना या उस कीमत के अनुसार शुल्क लेने का अधिकार मनपा कमिश्नर पर छोड़ा गया है। मनपा ने शुल्क अथवा 25 प्रतिशत विकास का हिस्सा देना दोनों का प्रस्ताव सुधार समिति में रखा है, जिसके अनुसार बिल्डर्स को निर्णय लेना होगा कि उन्हें क्या करना है।

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