Tripura का बॉम्बू बनेगा विकास की नई राह,
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‘आजादी के बाद से त्रिपुरा के बारे में किसी ने कुछ नहीं सोचा’

– नीरज प्रभाकर 
मुंबई. त्रिपुरा में पिछले 25 सालों में पहली बार कमल खिलाने वाले और माई होम इंडिया संस्था के संस्थापक त्रिपुरा बीजेपी प्रभारी सुनील देवधर ने आज मुंबई में पत्रकारों से चर्चा की। सुनील देवधर ने मुंबई आकर त्रिपुरा में पहले से राज कर रही सीपीएम पार्टी पर जमकर निशाना साधा और कहा कि त्रिपुरा में आज पूर्ण बहुमत से बीजेपी की सरकार बनी है। इसके पीछे बूथ स्तर पर जमकर मेहनत की गई है और हमें त्रिपुरा के घर-घर जाकर उनकी समस्याओं को सुनना पड़ा। वे कहते हैं, ‘आजादी के बाद से किसी ने भी त्रिपुरा (नॉर्थ ईस्ट) की ओर ध्यान नहीं दिया, जबकि वहां की सीपीएम पार्टी भी लोगों का बस शोषण करती रही। अब वर्षों बाद त्रिपुरा में भी बीजेपी की सरकार बन गई है, जिसके चलते कई सालों से उपेक्षित पड़े राज्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।’ बहरहाल, सरकार बनते ही त्रिपुरा में बाम्बू को लेकर काम शूरू हो गया है और अब वहां की आवाम बाम्बू की खेती कर उसे उचित दामों में बेच और खरीद सकेंगे। वे आगे कहते हैं कि आजादी के बाद से एक मात्र संगठन आरएसएस ही रहा, जिसकी सोच में ही नार्थ ईस्ट बसता है। हमने भी उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए नार्थ ईस्ट के लैंड्स को ध्यान में रखकर विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास करने का विचार कर रहे हैं। वेज-नॉनवेज वाले मुद्दे का वीडियो यहां देखिए…

अमिह शाह की वजह से निडर हूं

विदित हो कि ‘माई होम इंडिया’ के संस्थापक सुनील देवधर ने लोगों की मदद करते हुए आगे चलकर असहाय और अनाथ बच्चों को उनके अधिकार दिलवाने के लिए ‘सपनों से अपनों तक’ की नीव रखी। इसके माध्यम से कई अनाथ बच्चों को उनके माता पिता से मिलाया। फिर अपनी जुदा और अलग सोच के साथ 2010 में बीजेपी में शामिल हुए। आगे चलकर पूर्ण बहुमत में आई बीजेपी की सरकार बनने के बाद अमित शाह के अध्यक्ष बनने पर देवधर को त्रिपुरा प्रभारी की कमान संभाली गई। बहरहाल, खाली समय में मूड फ्रेश करने के लिए लता मंगेश्कर और मो. रफी के गानों को चुनने के प्रेमी देवधर को त्रिपुरा की कमान ऐसे समय में सौंपी गई, जब इतनी बड़ी जीत की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। वे आगे बताते हैं कि सीपीएम बाहुल्य इलाके में अब अमित शाह के आश्वासन के बाद से वे निडर हो गए हैं। बता दें कि चुनाव के दौरान सीपीएम के कार्यकर्ताओं ने कई बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया।

CPM करती है बांटने का काम

खैर, एक समाजसेवी से बीजेपी में शामिल हुए सुनील देवधर बताते हैं कि सीपीएम हमेशा ही बांटकर (लोगों को आपस में) शासन करने में विश्वास करती रही है। लेकिन इस बार नॉर्थ ईस्ट की आवाम को भी हमारे घर-घर कैंपेन से पता चल गया है कि उनका विकास सिर्फ सीपीएम की वजह से ही रुका रहा…। बस इसी का नतीजा रहा कि आज त्रिपुरा में बीजेपी की गवर्नमेंट है। वे कहते हैं, आरएसएस के कारण बीजेपी कहीं चुनाव नहीं जीतती, यह कहना सही नहीं है। संघ अपना काम करती है और बीजेपी अपना…। बस दोनों की विचारधारा एक है, जिसके चलते संघ के स्वयंसेवक अपने क्षेत्रों में जाकर पार्टी की चर्चा करते है। संघ एक विचारधारा की जननी है। त्रिपुरा में बीजेपी की जीत जमीनी स्तर पर तैयार की गई रणनीति का फल है। इसके लिए हमने बीजेपी के 3214 बूथ तैयार किए थे।

त्रिपुरा सरकार रोजाना झेल रही करोड़ो का खर्चा

मुंबई के प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सुनील देवधर बताते हैं, ‘शांतनु भौमिक एक सीधा-सादा पत्रकार था, जिसकी सीपीएम पार्टी के लोगों ने मिलकर साजिशन हत्या कर दी। सरकार बनने के बाद अब हम उसकी सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।’ चुनावी माहौल का याद करते हुए वे कहते हैं कि चुनाव के दौरान करीब 1000 राजनीतिक हत्याएं हुईं, जिसकी जांच कराई जाएगी। बहरहाल, इस समय कांटों का ताज पहले हुए त्रिपुरा के सीएम विप्लव देव मौजूदा समय में रोजाना करीब पौने चार करोड़ का खर्चा झेल रहे हैं।

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