नि:शुल्क हैं सभी सेवाएं, कोई भी चार्ज मांगे तो संबंधित को करें शिकायत

– NDI24 नेटवर्क
नई दिल्ली.
आधार कार्ड एक बेहद ही महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) द्वारा जारी होने वाले आधार में एक यूजर की बॉयोमेट्रिक और डेमोग्राफिक जानकारियां दर्ज होती हैं। बच्चों का आधार ज़ीरो वर्ष की आयु से पैरेंट्स के आधार के बेसिस पर बनाया जाता है, जिसमें बच्चे की फोटो होती है, जबकि फिंगर और अरिस प्रिंट पैरेंट्स का होता है। इसके लिए यह जरूरी है कि पैरेंट्स के पास एक्टिव आधार नंबर हो। एक बार आधार नंबर जारी होने के बाद बच्चों को आधार पांच वर्ष के बाद और पंद्रह वर्ष के अंदर बायोमेट्रिक अपडेट कराना होता है। दरअसल, बच्चों का बायोमेट्रिक एक बार परिपक्व हो जाता है। ऐसे में उन्हें 15 साल के बाद एक बार परिपक्व बायोमेट्रिक स्वतः का करवाना होता है। उसके बाद उनकी प्रौढ़ बायोमेट्रिक डाटा में दर्ज हो जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं, यह सारी सुविधाएं यूआईडीएआई के तरफ से नि:शुल्क हैं, जबकि यदि कोई वयस्क आधार नंबर जारी होने के बाद कोई भी अपडेशन करवाता है तो उसे चार्ज देना होता है।

एडमिशन से लेकर तमाम सरकारी योजनाओं में जरूरी…

आधार कार्ड की अहमियत का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि स्कूल में बच्चे के एडमिशन से लेकर तमाम सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए इसकी मांग की जाती है। बैंक अकाउंट खुलवाना हो या ड्राइविंग लाइसेंस या फिर पासपोर्ट बनावाना हो, इसकी जरूरत पड़ती है। अधिकतर जानकारी के अभाव में लोग आधार केंद्र पर आधार से जुड़ी सर्विस के लिए ज्यादा पैसे देकर आ जाते हैं या कर्मचारी उनसे ज्यादा पैसों की मांग करते हैं। सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट के दौरान ही होता है। ऐसे में यूआईडीएआई के नियमों के मुताबिक 5 से 15 वर्ष के बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेशन नि:शुल्क है।

पूरी जानकारी वेबसाइट पर दर्ज…

यहां यह बता दे कि यूआईडीएआई के कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरतती है और इसीलिए पूरी जानकारी विभागीय वेबसाइट पर दर्ज है। ऐसे में यह नागरिक का भी कर्तव्य होता है कि जागरूक बने और सही जानकारी के साथ ही आगे बढ़े। यूआईडीएआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी नागरिक को पहली बार आधार नंबर जारी करने और बच्चो के आधार में अपडेशन हेतु सभी सुविधाएं नि:शुल्क हैं। इसके अलावा अन्य किसी सेवा के लिए नियम व चार्ज विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है। इससे बाहर जाकर अगर आपसे कोई भी पैसों की मांग करता तो कोई भी नागरिक इसकी शिकायत यूआईडीएआई में कर सकता है।

ले सकते हैं जानकारी…

यूआईडीएआई अपने आधार धारकों के लिए सारी जानकारी विभागीय वेबसाइट पर दिया है। इसके अलावा विभाग ने टोल फ्री नंबर 1947 या [email protected] भी जारी किया हुआ है। शिकायत दर्ज करने के बाद आपको टोकन नंबर भी दिया जाता है, जिसका संदर्भ देकर आप अपनी शिकायत की यथास्थिति की जानकारी ले सकते हैं।

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