जनता संवाद में बोले मुख्यमंत्री, कोई नहीं रोक सकता महाराष्ट्र का विकास, उद्धव ठाकरे का भाजपा पर हमला

कांजुरमार्ग में ही होगा मेट्रो कारशेड का निर्माण, जंगलों को नहीं पहुंचेगा नुकसान

– NDI24 नेटवर्क
मुंबई.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने परोक्ष रूप से भाजपा पर यह कहते हुए हमला बोला है कि मुंबई और महाराष्ट्र के विकास में कोई आड़े नहीं आ सकता। उन्होंने साफ किया कि मेट्रो कारशेड का निर्माण कांजुरमार्ग में ही होगा। यह आरे के जंगलों को नुकसान पहुंचाने की बजाए कारशेड के लिए उपयुक्त जगह है। मुख्यमंत्री ने रविवार को राज्य की जनता को सोशल मीडिया के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने आरे कॉलोनी और प्रस्तावित कांजुरमार्ग मेट्रो कारशेड, बीकेसी, कोरोना वायरस, मुंबई सहित राज्य के विकास पर अपनी बात खुलकर जनता के सामने रखी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कांजुरमार्ग में कारशेड बनाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या आरे की वन भूमि कारशेड के लिए सही होगी। आरे के 30 हेक्टेयर भूमि में से 5 हेक्टेयर जमीन में घना जंगल है और 25 हेक्टेयर क्षेत्र पर कारशेड बनाने का क्या मतलब है। क्या भविष्य में बढ़ती जरूरतों को देखते हुए 5 हेक्टेयर के क्षेत्र के इस जंगल को नष्ट कर दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेट्रो कारशेड को कांजुरमार्ग में ले जाने से मेट्रो 3, 4 और 6 लाइनों का एकीकरण संभव होगा। यदि तीनों लाइनों के कार्ड डिपो को मिला दिया जाता है, तो इस जंक्शन से अंबरनाथ-बदलापुर तक लाइन लेना संभव होगा।

मेट्रो कारशेड बीकेसी में स्थापित करने की योजना…

कांजुरमार्ग का 40 हेक्टेयर का इलाका बंजर भूमि है और आने वाले कई वर्षों की जरूरतों को पूरा कर सकता है। अगर मेट्रो कारशेड को कांजुरमार्ग में स्थानांतरित कर दिया गया है, तो इसमें क्या गलत है? याद दिला दे कि भाजपा ने आरे से कांजुरमार्ग मेट्रो कारशेड ले जाने पर उद्धव सरकार पर निशाना साधा है। इस बीच भाजपा की ओर से आरोप लगाए गए कि बुलेट ट्रेन को प्रभावित करने के लिए मेट्रो कारशेड बीकेसी में स्थापित करने की योजना है।

राज्य में विकास कार्यों पर मेरा ध्यान है…

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि विकास में कुछ समय लग सकता है लेकिन हम शुद्ध भावना के साथ काम कर रहे हैं। हमें आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए काम करना है। कहीं भी हमारे अहंकार का कोई सवाल नहीं है। हम ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे जिससे लोगों का विश्वास खत्म हो। हम महाराष्ट्र के हित में काम करेंगे। मुंबई और महाराष्ट्र के विकास में किसी को आड़े आने नहीं देंगे। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वह मुंबई में मेट्रो के काम का निरीक्षण करेंगे। मैंने पहले तटीय सड़क का निरीक्षण किया था। राज्य में विकास कार्यों पर मेरा ध्यान है।

जमीन देने की मांग का जवाब नहीं…

कोरोना संकट के बीच हम धीरे-धीरे कदम आगे बढ़ा रहे हैं। केंद्र सरकार से हमारे बकाए की राशि भी नहीं मिली है। मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग, कोस्टल रोड, मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे, शिवड़ी न्हवाशेवा जैसे कई परियोजनाओं पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है। बड़े पैमाने पर निवेश हुआ है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकास कार्य करते समय जल्दबाजी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार माहुल में एक पंपिंग स्टेशन के लिए जमीन देने की मांग का जवाब नहीं दे रही है।

जरूरी परियोजना स्थापित करना आसान…

मुख्यमंत्री ने कहा कि बुलेट ट्रेन के लिए राज्य सरकार ने बांद्रा-कुर्ला परिसर में अपने अधिकार और मौके की जमीन दी। वहां के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र को केंद्र सरकार द्वारा कहीं और स्थानांतरित कर दिया गया। बावजूद इसके केंद्र सरकार की इस परियोजना में हस्तक्षेप न करते हुए हमने जमीन दी। राज्य के विकास में केंद्र सरकार समस्या न उत्पन्न करे। अगर केंद्र और राज्य सरकार एक साथ बैठकर इस मुद्दे को सुलझा लेते हैं, तो जनता की इस जमीन पर उनके लिए जरूरी परियोजना स्थापित करना आसान हो जाएगा।

मास्क लगाना अनिवार्य…

कोरोना वायरस के चलते महाराष्ट्र में अगले छह महीने तक मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सपर्ट्स नाइट कर्फ्यू लगाने के पक्ष में हैं, लेकिन वे इससे सहमत नहीं हैं। राज्य में कोरोना की स्थिति कंट्रोल में है, लेकिन संकट पूरी तरह से टला नहीं है। कोरो ना से हम सबकी जिम्मेदारी है। आशंका है कि महाराष्ट्र में जनवरी-फरवरी में कोरोना वायरस की दूसरी लहर आ सकती है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिस तरीके की दूसरी लहर ब्रिटेन और यूरोप के अन्य देशों में आई है, उस तरह की भारत में आने की आशंकाएं कम हैं।मनपा को नहीं मिल रहे ठेकेदार, भरी निविदाओं से ही कंपनियों का चयन
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