ईकॉम एक्सप्रेस ने छोटे कारोबारियों के लिए लॉन्च किया सेल्फ साइन-अप पोर्टल ‘ई-जिप्पी’

बेहद कारोबारियों, खुद का कारोबार करने और पारिवारिक उद्यम चलाने वालों को 30 मिनट में शिपिंग सेवा

– NDI24 नेटवर्क
मुंबई. ई-कॉमर्स उद्योग के लिए टेक्नोलॉजी आधारित एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन प्रदान करने वाली अग्रणी कंपनी ईकॉम एक्सप्रेस ने आज अपने सेल्फ साइन-अप पोर्टल ‘ई-जिप्पी’ के लॉन्च की घोषणा की। यह पोर्टल बेहद छोटे उद्यमियों, छोटे कारोबारियों और खुद का कारोबार करने वालों या पारिवारिक उद्यम चलाने वालों के लिए है, जो यहां 30 मिनट से भी कम समय में लॉजिस्टिक्स सेवाओं के वन-स्टॉप-शॉप पर जल्दी, आराम से और सुरक्षित तरीके से साइन-अप कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य ग्राहकों को बेहतर अनुभव और सर्विस प्लान तथा प्राइस सेलेक्शन में फ्लेक्सिबिल्टी देकर उन्हें कंपनी के साथ जोड़ने की प्रक्रिया को सरल बनाना है।

पोर्टल बिल्कुल सिक्योर है…

सेल्फ साइन-अप पोर्टल (Self Sign up Portal) के जरिये लेटेस्ट बैंकिंग और पहचान सत्यापन एपीआई (API) का इस्तेमाल कर मैन्यूल बैक-एंड प्रक्रिया और पेपरवर्क को कम करके ऑनलाइन कारोबारियों के लिए तुरंत रजिस्टर कर ऑर्डर शिप करना संभव बनाया गया है। सॉफिस्टिकेटेड एक्सेस कंट्रोल के कारण पोर्टल बिल्कुल सिक्योर है।

भारत में लगभग 6.3 करोड़ छोटे और मध्यम व्यवसाय : टी.ए. कृष्णन

ईकॉम एक्सप्रेस के सहसंस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी टी.ए. कृष्णन (TA Krishnan) ने लॉन्चिंग पर बताया कि भारत में लगभग 6.3 करोड़ छोटे और मध्यम व्यवसाय हैं और महामारी के बीच इनकी संख्या दिनों-दिन बढ़ रही है। इन व्यवसायों के विकास में लॉजिस्टिक्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और हम अपनी डिजिटल और लॉजिस्टिक्स क्षमताओं के माध्यम से उनकी मदद करना चाहते थे। ‘ई-ज़िप्पी’ से रजिस्ट्रेशन में लगने वाला समय 30 मिनट से भी कम हो गया है जबकि बाजार में अधिकतर कंपनियों के पास रजिस्ट्रेशन में 10 से 12 दिन लग जाते हैं।

शिपमेंट के प्रबंधन को सीधे करें नियंत्रित…

पोर्टल को सीमलेस और उपयोग में सरल बनाने के लिए बैक-एंड के विकास के क्रम में ईकॉम एक्सप्रेस ने कई प्रौद्योगिकियों का प्रयोग किया है। यह पोर्टल मोबाइल रिस्पॉन्सिव है। विक्रेता अपने मोबाइल के जरिए भी अपनी सुविधा अनुसार रिक्वेस्ट सब्मिट कर सकते हैं। सब्मिट करने के बाद रिक्वेस्ट सीधे संबंधित विभाग के पास पहुंच जाता है जो बिना किसी मैन्युअल हस्तक्षेप के उसे प्रोसेस करता है। सूचनाओं को दुबारा इंटर करने की भी जरूरत नहीं होती। एक बार ऑनबोर्ड होने के बाद विक्रेता विशेष तौर पर बनाये गये अत्याधुनिक डैशबोर्ड और कस्टमर सपोर्ट के जरिये अपने शिपमेंट के रियल-टाइम स्टेटस तथा क्लोजर के बारे में जान सकते हैं और इस प्रकार अपने शिपमेंट के प्रबंधन को सीधे नियंत्रित करते हैं।

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