त्रेता युग के राजा दशरथ और राजा जनक जैसी कहानी
चार सगी बहनों ने परिवार के भाइयों संग रचाई शादी
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त्रेता युग के राजा दशरथ और राजा जनक जैसी कहानी

नई दिल्ली. छत्तीसगढ़ के जांजगीर स्थित जैजैपुर ब्लॉक के ग्राम मल्दा की चार सगी बहनें 19 अप्रैल को कटौद के एक ही परिवार के चार सगे भाइयों के साथ सात फेरे लिए। क्षेत्र में इस शादी की चर्चा जोरों पर है। त्रेता युग में राजा दशरथ के चार पुत्र और राजा जनक की चार पुत्रियों के विवाह की कथा तो रामचरित मानस में लोगों ने पढ़ी है। इसी तरह मल्दा में भी बुधवार को चार सगी बहनों की शादी एक ही परिवार के चार भाइयों के साथ की। जैजैपुर ब्लॉक के ग्राम मल्दा निवासी धनाराम मौतमा की छह पुत्रियां हैं। इनमें से दो की पहले ही शादी हो चुकी है। चार पुत्री सुनीता, दुर्गा, शारदा और राधा की शादी नहीं हुई है।

चट मंगनी, पट ब्याह

घर की कमजोर आर्थिक हालत और चार बेटियों के हाथ पीले करने की चिंता उसे सताए जा रही थी। परिजनों की मदद से उसकी बेटियों के लिए रिश्ते की बात चली और संयोग ऐसा कि एक दो नहीं चारों बेटियों का विवाह नवागढ़ ब्लॉक के ग्राम कटौद निवासी लकेश राम कश्यप के चारों बेटों के साथ तय हो गया। सबसे बड़ी बहन सुनीता की मालिकराम, दूसरी बेटी दुर्गा की सालिकराम, शारदा का हरप्रसाद के संग व राधा का हरिराम के साथ सगाई हो गई। इस तरह से चट मंगनी और पट ब्याह होग गया।

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