महाकाल के दरबार से कंबल की सेवा माननीय कलेक्टर के माध्यम से केरल भेज रहे हैं
सावन के आखिरी सोमवार में शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़
Share

महाकाल के दरबार से कंबल की सेवा माननीय कलेक्टर के माध्यम से केरल भेज रहे हैं

– NDI24 नेटवर्क
उज्जैन. सावन का महीना चल रहा है। ये महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय है। सोमवार को विशेषतौर पर भगवान शिव की पूजा की जाती है। आज सावन का आखिरी सोमवार है। इस मौके पर उज्जैन में भगवान महाकाल के दरबार में भव्य भस्म आरती हुई। इस भस्म आरती में बड़ी संख्या में भक्तों ने हिस्सा लिया। महाकाल के दरबार में भस्म आरती से पहले भगवान का पंचामृत पूजन किया गया. इसके बाद भगवान को आकर्षक श्रृंगार करने के बाद भस्म से आरती की गई। महाकाल मंदिर में सावन के चौथे सोमवार को बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पूरे देश से श्रद्धालू पहुंच रहे हैं रात 11 बजे से मंदिर के बाहर लोग लाइन लगा कर खड़े हैं और रात 1 बजे  मंदिर के पट खोले गए हैं। दर्शनों का ये सिलसिला आज पूरा दिन चलता रहेगा। बाबा के दरबार में केरल में जो आपदा आई है। इसके लिए पुजारी परिवार ने महाकाल से प्रार्थना की है, ‘हे परमपिता इस त्रासदी से केरल बाहर निकले और फिर से व्यवस्था स्थापित होÓ इसके लिए महाकाल के दरबार से कंबल की सेवा माननीय कलेक्टर के माध्यम से केरल भेज रहे हैं, ताकि लोगों को मदद मिल सके।

बाबा की एक झलक पाने को बेताब

मप्र के खंडवा स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में सावन के आखिरी सोमवार को लोगों का हुजूम उमड़ा। लोग घंटों लाइन में लगकर भगवान की पूजा इंतजार कर रहे हैं। शिव के भक्त सावन के इस महीने में सोमवार को भोले की खास पूजा करते हैं और बेलपत्र चढ़ाते हैं। सुबह से ओम्कारेश्वर मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ है। प्रमुख ज्योतिलिंगोज़्ं में से एक, खंडवा स्थित ओंकारेश्वर में देशभर से भक्तों ने आकर भगवान ओंकार के दर्शन और पूजन किए। नर्मदा किनारे स्थित इस ज्योतिर्लिंग के पूजन का अपना अलग ही महत्व है। हाथों में मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर तड़के से लोग कतारबद्ध होकर भगवान ओंकार के जयकारे लगाते हुए दर्शन कर रहे हैं। फूल और भेल पत्र भगवान को अर्पण किये जा रहे हैं। पूरे ओंकारेश्वर भक्ति में डूबा हुआ नजर आ रहा है। भगवान ओंकार के दर्शन और पूजन का यह सिलसिला आज दिनभर चलता रहेगा। अब बात करें द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सबसे प्रमुख काशी विश्व नाथ मंदिर में यू तो पूरे साल भक्तों की भीड़ रहती है, लेकिन सावन के महीने में यह भक्तों का खास जमावड़ा रहता है। इस बार सावन के महीने चार सोमवार पड़े जिसमें आज अंतिम सोमवार है। यह लाइन रात 12 बजे से लग गई थी और तब से लगातार बाबा का दर्शन चल रहा है। हर कोई बाबा को जल फूल माला चंदन और प्रसाद के साथ बाबा की एक झलक पाने को बेताब रहता है।

शिवालयों में भक्तों की लम्बी लाइन

वहीं संगम नगरी इलाहाबाद के शिवालयों में शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। भोले भंडारी को खुश करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए कोई मंदिरों में जलाभिषेक कर रहा है तो कोई दूध व बेल की पत्तियों से पूजा-अचज़्ना कर रहा है। शहर के मनकामेश्वर मंदिर, दशाश्वमेध मंदिर, तक्षक तीर्थ मंदिर और पडि़ला महादेव समेत सभी शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की लम्बी लाइन लगी हुई है। इस मौके पर कई शिव मंदिरों में भजन व आरती के विशेष कार्यक्रम हो रहे हैं। सावन के हरेक सोमवार पर इलाहाबाद में तांगा दौड़ भी होती है, जिसे देखने के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहाम आते हैं। पौराणिक मान्यताओं के चलते संगम नगरी इलाहाबाद में सावन का विशेष महत्व है।

Share