रेम्डेसिविर उत्पादन की भारत की क्षमता इस वक्त प्रतिमाह सिर्फ 38.8 लाख वायल्स, केंद्र सरकार ने इसे दी अप्रूवल

अब छह मैन्युफैक्चरर्स अपने सात प्लांट में प्रतिमाह 10 लाख वायल्स रेम्डेसिविर का करेंगी उत्पादन

– NDI24 नेटवर्क
मुंबई. अमेरिकन कंपनी गिलेड साइंसेज इंक से लाइसेंसिंग एग्रीमेंट के तहत हेटेरो (Hetero), सिप्‍ला (Cipla) और मायलन (Mylan) को रेमडेसिवीर इंजेक्शन का रेजनरिक वर्जन बनाने की मंजूरी मिली हुई है। इन तीनों कंपनियों ने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से रेस्ट्रिक्टेड इमरजेंसी यूज की शर्त पर अप्रूवल हासिल किया हुआ है। यानी अब यह बात तो आप समझ ही गए होंगे कि रेमडेसिवीर इंजेक्शन का पेटेंट अमेरिकी फार्मा कंपनी के पास है।
अमेरिकी फार्मा कंपनी गिलेड साइंसेज इंक इतनी चालाक है कि उसने

  1. जुबिलैंट लाइफ साइंसेज (Jubilant Life Sciences),
  2. डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज ( Dr Reddy’s Laboratories) ,
  3. जायडस कैडिला (Zydus Cadila) और
  4. सिनजीन इंटरनेशनल लिमिटेड ( Syngene International) के साथ भी लाइसेंसिंग एग्रीमेंट साइन किया हुआ है।

दाम को नियंत्रित करने की सलाह…

यानी आने वाले दिनों में DCGI से इन 4 फार्मा कंपनियों को भी रेमडेसिवीर इंजेक्शन बनाने का अप्रूवल मिल ही जाएगा। इस बात को लेकर किसी के मन में शंका नहीं होनी चाहिए। काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) ने नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) को रेमडेसिवीर इंजेक्शन के फॉर्मूलेशन में इस्तेमाल होने वाले API इनग्रीडियन के आधार पर उसके दाम को नियंत्रित करने की सलाह दी है।

केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अधीन विभाग…

असली खेल NPPA में चल रहा है। दरअसल नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी वह संस्था है। जिसे देश में बिकने वाली तमाम दवाओं की किमतों को नियंत्रित करने का काम करना है, लेकिन NPPA शांत बैठा हुआ है। यह विभाग केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अधीन आता है। इस विभाग की जिम्मेदारी इस वक्त सदानंद गौड़ा संभाल रहे हैं। राज्यमंत्री के रूप में मनसुख मांडविया भी इस विभाग की कमान संभाले हुए हैं।

देश के बेहतरीन 4,600 साइंटिस्ट…

CSIR देश की बौद्धिक संपदा वाला ऐसा विभाग है, जहां देश के बेहतरीन 4,600 साइंटिस्ट हैं। यानी देश के साइंटिस्ट को पता है कि रेमडेसिवीर इंजेक्शन के फॉर्मूलेशन में कौन से API इनग्रीडियन हैं। जानकारों का कहना है कि ये API इनग्रीडियन बहुत ही सस्ते हैं। यदि इसके आधार पर रेमडेसिवीर का कॉस्ट नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) तय कर दे, तो इस इंजेक्शन का दाम आधे से भी कम हो सकता है।

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