मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से होगा 1000 अरब डॉलर का योगदान
भारत की अर्थव्यवस्था हो जाएगी 5000 अरब डॉलर, Suresh Prabhu ने अगले 9 वर्षों को टारगेट कर कहा ऐसा...

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से होगा 1000 अरब डॉलर का योगदान

– NDI24 नेटवर्क 
नई दिल्ली. भारत अगले 8 से 9 वर्षों में 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र का 20 फीसद योगदान होगा। यह बात वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने बुधवार को इंटरनेट फम्र्स बॉडी आईएएमएआई की ओर से आयोजित एक समारोह में कही है। उन्होंने कहा कि अगले 8 से 9 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था 5,000 अरब डॉलर की हो जाएगी। इसमें से 1,000 अरब डॉलर का योगदान मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से होगा। इसलिए हम विस्तृत योजना बना रहे हैं कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में क्या कुछ जाएगा। उन्होंने बताया कि जो विशेषज्ञ मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ें हैं वे रोडमैप तैयार कर रहे हैं। इनमें वो सभी क्षेत्र शामिल हैं, जहां मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन दिया जा सकता है। प्रभु ने कहा कि अगर केवल मैन्युफैक्चरिंग तो डिजिटाइज किया जाए तो यह तकनीक से जुड़ीं कंपनियों के लिए एक बड़ा अवसर होगा। 5,000 अरब डॉलर का 60 फीसद सेवा क्षेत्र से आएगा। इनमें वे सारी सेवाएं भी शामिल होंगी, जिनका अभी तक विचार भी नहीं किया गया है। जैसे होम केयर सेवाओं का की शानदार संभावनाएं हैं।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार की स्ट्रैटेजी पर काम

उन्होंने यह भी बताया कि वे ऐसी अंतरराष्ट्रीय व्यापार की स्ट्रैटेजी पर काम कर रहे हैं, जो अर्थव्यवस्था में 2,000 अरब डॉलर का योगदान करेगी। इनमें मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र दोनों क योगदान होगा। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार मुख्य कारक बनना चाहिए। 11.4 प्रतिशत की वृद्धि रही। इस दौरान निवल कॉरपोरेट कर संग्रह जहां दूसरी तिमाही में 10.8 प्रतिशत बढ़ा है, वहीं तीसरी तिमाही में इसमें 17.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई और 15 जनवरी 2018 को इसमें 18.2 प्रतिशत की शुद्ध वृद्धि रही।

Share