'सरकार के अभूतपूर्व कदम पर कोर्ट ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो इतिहास हमें माफ नहीं करेगा'
जस्टिस कुरियन जोसेफ ने लिखा CJI को लेटर
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‘सरकार के अभूतपूर्व कदम पर कोर्ट ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो इतिहास हमें माफ  नहीं करेगा’

– NDI24 नेटवर्क
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट का अस्तित्व खतरे में है ये कहते हुए जस्टिस कुरियन जोसेफ ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा का लेटर लिखा है। उन्होंने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट का अस्तित्व खतरे में है और यदि जजों की नियुक्ति के मामले में सरकार की चुप्पी पर कोर्ट कुछ नहीं करता है तो इतिहास हमें माफ  =नहीं करेगा। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, जस्टिस कुरियन जोसेफ  ने इस लेटर में लिखा है, ‘कोलेजियम द्वारा एक जज और एक वरिष्ठ वकील को तरक्की देकर सर्वोच्च न्यायालय में लाने की सिफारिश को दबा कर बैठे रहने के सरकार के अभूतपूर्व कदम पर यदि कोर्ट ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो इतिहास हमें माफ  नहीं करेगा।’ असल में जस्टिस कुरियन कोलेजियम के फरवरी के उस निर्णय का हवाला दे रहे हैं, जिसमें वरिष्ठ वकील इंदु मल्होत्रा और उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ  जस्टिस के.एम. जोसेफ  को सुप्रीम कोर्ट में जज बनाने की सिफारिश की गई है।

CJI समेत 22 अन्य जजों को लेटर

इस लेटर में काफी जोरदार शब्दों में अपील करते हुए जस्टिस कुरियन जोसफे ने कहा है, ‘पहली बार इस अदालत के इतिहास में ऐसा हुआ है कि किसी सिफारिश पर तीन महीने बाद तक यह पता नहीं चल पा रहा है कि उसका क्या हुआ।’ उन्होंने सीजेआई से कहा कि इस मसले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सात वरिष्ठ जजों की बेंच के द्वारा सुनवाई की जाए। उनकी यह मांग अगर मान ली जाती है तो सात जजों की पीठ सरकार को कोलेजियम की लंबित सिफारिशों पर तत्काल निर्णय लेने का आदेश दे सकती है। इसके बाद भी सरकार अगर ऐसा नहीं करती तो उसे न्यायिक अवमानना मानी जाएगी। जस्टिस कुरियन ने इस लेटर की कॉपी सुप्रीम कोर्ट के 22 अन्य जजों को भी भेजी है।

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