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Mumbai समेत राज्य भर में बंदी, लाइफलाइन ठप, जगह-जगह प्रदर्शन

– NDI24 नेटवर्क
मुंबई. महाराष्ट्र में फैली हिंसा का असर को लोकसभा में भी दिखा। विपक्षी दलों ने जोर-शोर से महाराष्ट्र हिंसा का मुद्दा उठाया। कांग्रेस की तरफ से मल्लिकार्जुन खडग़े ने मोर्चा संभाला और बीजेपी-आरएसएस पर हमला बोला। सरकार की तरफ से संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने जवाबी हमला किया और कांग्रेस पर देश को बांटने की राजनीति का आरोप लगाया। लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि इस पूरे मामले पर पीएम नरेंद्र मोदी को सदन में जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र हिंसा की आग में जल रहा है और सरकार की तरफ  से कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह बीजेपी और आरएसएस की साजिश है। लोगों को समुदाय, जाति के नाम पर लड़ाना और भड़काना ही बीजेपी की नीति रही है। समाज में बंटवारा करने के लिए कट्टर हिंदुत्ववादी ताकतों का हाथ है। महाराष्ट्र में जो आरएसएस के लोग हैं, इस हिंसा के पीछे उनका हाथ है। खडग़े ने मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज से करवाने की मांग की। इस मौके पर विपक्ष ने पीएम मोदी पर भी हमला बोला। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस तरह के मामलों पर मौनी मोदी बन जाते हैं। यह नहीं चलेगा, उन्हें इस गंभीर मुद्दे पर जवाब देना ही होगा। वीडियो यहां देखें…

ईस्टर्न एक्सप्रेस-वे पर पुलिस की भारी तैनाती, 40000 स्कूल बसें बंद

पुणे में 200 साल पुराने भीमा-कोरेगांव युद्ध की बरसी को लेकर जातीय संघर्ष छिड़ गया है। झड़प में एक की मौत हो गई, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए हैं। चंद्रपुर के बल्लारपुर में बसों में तोड़-फोड़ की गई। ठाणे में धारा-144 लागू, औरंगाबाद में इंटरनेट सर्विस रोकी गई। मुंबई के मशहूर डब्बावालों ने भी अपनी सर्विस को ठप रखेंगे। उन्होंने अपने ग्राहकों से खुद अपना टिफिन लाने को कहा है। साथ ही महाराष्ट्र बंद के कारण 40000 स्कूल बसों की सर्विस बंद रही। पालघर में बस सेवा पूरी तरह से ठप हुई, पालघर रेलवे स्टेशन की कैंटीन भी बंद। रेलवे का बयान, ट्रेन को रोकने की कोशिश नाकाम की गई। ईस्टर्न एक्सप्रेस-वे पर पुलिस की भारी तैनाती। ठाणे के पास प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोकी।

जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद पर एफआईआर दर्ज करने की मांग

हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस बीच मंगलवार देर शाम पुणे के दो युवा अक्षय बिक्कड और आनंद डॉन्ड ने पुणे के डेक्कन पुलिस स्टेशन में विधायक जिग्नेश मेवानी और जेएनयू के छात्र उमर खालिद के खिलाफ लिखित में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद ने कार्यक्रम के दौरान भड़काऊ भाषण दिया था। शिकायतकर्ताओं की मानें तो जिग्नेशन मेवानी के भाषण के बाद ही महाराष्ट्र जातीय हिंसा भड़क उठी, क्योंकि भाषण के दौरान जिग्नेश मेवानी ने एक खास वर्ग को सड़क पर उतर कर विरोध करने के लिए उकसाया, जिसके बाद लोग सड़क पर उतर आए और फिर धीरे-धीरे भीड़ ने हिंसक रूप ले लिया। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक पुणे हिंसा के लिए ये दोनों जिम्मेदार हैं और इनके खिलाफ  कार्रवाई होनी चाहिए।

जगह-जगह प्रदर्शन, तोडफ़ोड़ और मारपीट…

नहीं थम रहा पुणे हिंसा को लेकर महाराष्ट्र में संग्राम, घाटकोपर से एयरपोर्ट की मेट्रो सेवा बंद,कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन, पुलिस का फ्लाइंग मार्च, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात संभाला मोर्चा, प्रदर्शनकारियों द्वारा बाजारों को कराया जा रहा है जबरन बंद, हालात अभी भी तनावपूर्ण। मुंबई-पुणे हाईवे जाम कर दिया गया है। मुंबई में कई पत्रकारों से भी झड़प हुई है ओर जगह-जगह पुलिस को सतर्क रहना पड़ा है।

भड़की हिंसा से घेरे में आ सकती है बीजेपी

महाराष्ट्र में पुणे के भीमा कोरेगांव में भड़की हिंसा के बहाने विरोधी बीजेपी को घेर रहे हैं। दलितों की राज्य में 12 फीसदी आबादी है और दलितों की नाराजगी फिलहाल फडनवीस सरकार बिल्कुल भी मोल नहीं लेना चाहेगी। ऐसे में महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में दलितों का ये हंगामा बीजेपी के लिए खतरे की घंटी बन सकता है। महाराष्ट्र में दलितों की संख्या एक करोड़ 33 लाख है। ये महाराष्ट्र की कुल आबादी का करीब 12 फीसदी है। राज्य 48 लोकसभा सीटों में से 18 सीट पर दलितों का प्रभाव है। मुंबई की छह सीट, मराठवाड़ा की आठ सीट, पश्चिम महाराष्ट्र की दो और विदर्भ की दो सीटों पर औसतन 16 फीसदी दलित वोटर हैं। यही वजह है कि राहुल गांधी ने एक बार फिर इस घटना के बहाने बीजेपी पर निशाना साधा है। राहुल ने ट्विटर पर लिखा है कि बीजेपी-आरएसएस की फासीवादी सोच है कि दलित हमारे समाज के, सबसे निचले पायदान पर ही रहें। उना, रोहित वेमुला और भीमा कोरेगांव की घटनाएं इसी तरह की सोच के खिलाफ  आवाज है।

रामदास आठवले भी कड़ी कार्रवाई की कर रहे मांग

गुजरात में दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने कहा है। भीमाकोरी गांव की लड़ाई में महार के लोग शहीद हुए तो उसी स्पिरिट से इस वक्त की पेशवाई यानी मोदी जी के खिलाफ  लडऩे की जरूरत है। दलितों के मुद्दे पर एक तरफ  विरोधी सरकार को निशाना बना रहे है तो सरकार में मंत्री और दलितों की राजनीति करने वाले रामदास आठवले भी कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि अभी जांच होगी इसके पीछे कौन है इसकी जांच होनी चाहिए जो भी इसके पीछे हो कार्रवाई होनी चाहिए। बीजेपी के लिए चिंता की बात ये है कि महाराष्ट्र में मराठा पहले ही उससे नाराज माने जाते हैं, ऐसे में दलित दूर हुए तो गुजरात की तरह महाराष्ट्र में भी बीजेपी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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