MHADA के कई फैसले अब मंत्रालय से होंगे, महाराष्ट्र सरकार का सख्त फैसला...
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म्हाडा कर्मचारियों में भारी असंतोष, विभिन्न कार्यों के लिए अब मंत्रालय के काटने होंगे चक्कर

– NDI24 नेटवर्क
मुंबई.
पुरानी इमारतें, जोकि पुनर्विकास के लिए जाने वाली थीं, उनके डेवलपर्स इमारतों का काम पूरा किए बिना ही छोड़कर जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार के हालिया फरमान के तहत अब महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) में कर्मचारियों के ट्रांसफर से लेकर प्रत्येक आवश्यक निर्णय अब मंत्रालय से लिये जाएंगे। यानी अब किसी की प्रोजेक्ट को पास कराने के लिए अब डेवलपर्स को मंत्रालय के चक्कर लगाने होंगे। इसके अलावा किरायेदारों को किराया मिलना भी बंद कर दिया गया है, जिसकी वजह से किराएदार बहुत परेशान हो रहे हैं। उस पर म्हाडा के बिल्डिंग और रिपेयर बोर्ड ने भी हाथ उठा लिए हैं और कहा है कि आपको केवल ‘NOC’ जारी करने का अधिकार है। तत्कालीन सीएम देवेंद्र फडणवीस ने पहल की और 11 सितंबर 2019 को इन पुरानी इमारतों के पुनर्विकास के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए गए थे। इस आदेश में डेवलपर्स के पंजीकरण और पात्रता को निर्धारित कर दिया गया था।

मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने मानी डेवलपर्स की बात…

विदित हो कि डेवलपर्स को किरायेदारों का 3 साल का किराया एक अलग खाते में जमा करने का भी आदेश दिया गया था। इसका उद्देश्य था कि मान्यता प्राप्त डेवलपर्स पुरानी इमारतों के पुनर्विकास और परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सामने आएंगे, लेकिन इन दिशा निर्देशों ने डेवलपर्स को परेशान कर दिया था। डेवलपर्स के आगे न आने के चलते म्हाडा के अधिकारी परेशान हो गए थे। डेवलपर्स ने भी पूरी कोशिश की थी कि यह आदेश रद्द हो जाए। आखिर में गृह निर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने डेवलपर्स की बात मान ली और यह आदेश रद्द कर नए आदेश की घोषणा की है।

अब सरकार का दरवाजा खटखटाना होगा…

इन आदेशों के अनुसार, म्हाडा को डेवलपर्स की पात्रता निर्धारित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। म्हाडा इस संबंध में 3 महीने में एक प्रस्ताव तैयार करना चाहती है। जब तक कुछ तय नहीं होता, तभी तक यह अधिकार गृह निर्माण विभाग ने अपने पास ले लिया है। इसका मतलब अभी डेवलपर्स को म्हाडा के साथ-साथ सरकार का भी दरवाजा खटखटाना होगा।

मार्गदर्शक सूचना…

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, डेवलपर्स को अब 3 साल के बजाय 1 साल का किराया अलग खाते में जमा करना होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि ब्रह्नमुम्बई महानगरपालिका को किराए की इस राशि को जमा किए बिना ही काम शुरू करने का प्रमाण पत्र जारी नहीं करना चाहिए।

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