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– NDI24 नेटवर्क
मुंबई.
महामारी कोविड19 में संकट का सामना कर रही मुंबई में दिल्ली की तरह दूसरी लहर आने की आशंका व्यक्त की जा रही है। इस मुद्दे पर राज्य के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने मनपा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान ठाकरे ने मनपा प्रशासन से पूछा कि कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए क्या तैयारी है? अस्पतालों में बेड की पर्याप्त संख्या है क्या? इस दौरान मनपा के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकानी ने कहा कि मनपा कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों व कोविड सेंटर में बेड तैयार हैं। ऑक्सीजन वेंटिलेटर को तैयार रखा गया है। मनपा के पास दवाइयों व इंजेक्शन का भरपूर मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही मनपा के पास 70 हजार बेड की सुविधा है। उसमें से 20 हजार DCHC के लिए रिजर्व रखा गया है। यह बेड क्रिटिकल कंडिशन के मरीजों और कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए है। 

90 प्रतिशत बेड खाली…

काकानी ने कहा कि बीएमसी ने एक गाइडलाइन बनाई है, जिसके तहत सीसीसी 1 में हाईरिस्क के मरीजों व सीसीसी 2 में सौम्य लक्षण वाले मरीजों को रखा जाता है। इसके लिए 50 हजार बेड उपलब्ध है, जिसे तीन चरणों में शुरू करने की तैयारी है। मुंबई में अभी 58 कोविड सेंटर है। जिसमें सिर्फ 10 प्रतिशत बेड पर मरीजों का इलाज हो रहा है, बाकी 90 प्रतिशत खाली हैं। 35 कोविड सेंटर ऐसे हैं जो दो दिनों की नोटिस पर शुरू किए जा सकते हैं। वहीं 400 सेंटर ऐसे हैं, जो 8 दिनों की नोटिस पर शुरू हो जाएंगे। आवश्यकता पड़ी तो इन सेंटरों को चरणों में शुरू किया जाएगा।

जांच की सुविधा उपलब्ध…

अतिरिक्त आयुक्त काकानी ने कहा कि सभी कोविड सेंटरों व हॉस्पिटल्स में पहले सिलेंडर द्वारा आक्सीजन की आपूर्ति की जाती थी। अब वहां टर्बो फैसिलिटी द्वारा ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है। इससे ऑक्सीजन की आपूर्ति में कहीं कमी नहीं आएगी। सभी जंबो सेंटर में ओपीडी सेवा शुरू की गई है। इन सेंटरों में कोविड की जांच कर पॉजिटिव रोगियों को एडमिट कर उपचार किया जा रहा है। बीएमसी के सभी दवाखानों में कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी…

बता दें कि मुंबई में जनवरी और फरवरी में कोरोना की दूसरी लहर आने की आशंका व्यक्त की जा रही है। माना जा रहा है कि अनलॉक के बाद मुंबई में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी, घरों में कामगारों का आना-जाना बढ़ेगा, सरकारी कर्मचारियों के काम का दायरा बढ़ेगा। सड़कों पर, बाजारों एवं परिवहन सेवा में भीड़ से कोरोना की दूसरी लहर आ सकती है। ऐसे लोगों का सर्वेक्षण कर जांच के आदेश दिए गए हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य की जनता को चेतावनी देते हुए पिछले दिनों कहा था कि कोरोना की दूसरी लहर सुनामी साबित हो सकती है, इसलिए लापरवाही न बरतें। घर से निकलते समय मुंह पर मास्क अवश्य लगाएं, हाथ को बार- बार साबुन से धोएं एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। तभी कोरोना को मात दिया जा सकता है।

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