Special Story : नायगांव BDD चॉल पुनर्विकास भी लटका, बढ़ गईं म्हाडा की परेशानियां...
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नई निविदाओं को आमंत्रित करने की संभावना, कुल 42 चॉल में 9 हजार 869 किराएदार

– NDI24 नेटवर्क

मुंबई. ऐसा लग रहा है कि नायगांव बीडीडी चॉल पुनर्विकास धारावी के तरीके से चल रहा है। वर्तमान ठेकेदार की ओर से न बोले जाने पर और म्हाडा द्वारा उन्हें समझाने का प्रयास किए जाने के बाद भी किसी परिणाम पर न आने की वजह से नई बोलियों को आमंत्रित किया जा सकता है। नायगांव के बीडीडी चॉल के पुनर्विकास की तकलीफों ने म्हाडा की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। यह महत्वाकांक्षी परियोजना तब से विवादों में है, जब अगस्त में एलएंडटी ने इस परियोजना से बाहर जाने का फैसला किया। नायगांव बीडीडी में कुल 42 चॉल हैं और 9 हजार 869 किराएदार हैं। पुनर्विकास के लिए आवश्यक धन 2 हजार 800 करोड़ रुपए है।

L & T के साथ नहीं बनी बात…

म्हाडा के अधिकारियों के अनुसार, नायगांव बीडीडी योजना पर लंबी चर्चा की गई है। उसी समय एलएंडटी को परियोजना को जारी रखने को लेकर मान-मनौवल के लिए भी कई चर्चाएं हुईं, लेकिन ऐसा लगता है कि कई दौर की बैठकों में कोई नतीजा नहीं निकला है और अब म्हाडा सशक्त राज्य समिति के पास पहुंचने का लक्ष्य रख रही है। म्हाडा से जुड़े लोगों की माने तो म्हाडा जल्द ही सरकार के पास जा सकती है, क्योंकि एलएंडटी के साथ बातचीत का परिणाम जैसा उन्होंने सोचा था, वैसा नहीं आया।

लिखा जा रहा है पत्र : अनिल दिग्गीकर…

इस विषय को लेकर जब म्हाडा के उपाध्यक्ष और सीईओ अनिल दिग्गीकर से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि पत्र अभी तक नहीं लिखा गया है, लेकिन यह पूछे जाने पर कि क्या पत्र लिखा जा रहा है, उन्होंने हां कहा। नायगांव बीडीडी का भाग्य काफी हद तक धारावी से मेल खाता है। धारावी ने भी पुनर्विकास की तीन निविदाएं तो देखीं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। हाल ही में राज्य कैबिनेट ने 2018 में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा धारावी के पुनर्विकास के लिए किए गए टेंडर को रद्द कर दिया।

L & T ने दी थी 145.14 करोड़ों की गारंटी…

म्हाडा की अगस्त में रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण दिग्गजों से एक पत्र प्राप्त किया, जिसमें नायगांव बीडीडी पुनर्विकास का टेंडर रद्द करने की इच्छा जताई गई थी। इसके बाद ही एलएंडटी के साथ हुई बैठकें हुईं, लेकिन चीजें आगे नहीं बढ़ सकीं। ऐसा माना जाता है कि 3 साल पहले कॉन्ट्रैक्ट प्राप्त करने के बावजूद काम आगे नहीं बढ़ा। इसलिए एलएंडटी नाराज थी। 17 अप्रैल 2017 को म्हाडा द्वारा जारी किए गए कार्यादेश के अनुसार, एलएंडटी ने 145.14 करोड़ों रुपए की बैंक गारंटी के माध्यम से प्रदर्शन सुरक्षा के लिए सुरक्षा धनराशि जमा की थी। देवेंद्र फडणवीस सरकार के दौरान सभी 3 BDD चॉल के पुनर्विकास के लिए निविदाएं मंगाई गई थीं, जो एन.एम. जोशी, वर्ली और नायगांव हैं।

प्रत्येक किरदार को 2BHK…

इन सब वजहों से ही अब किरायेदारों को अपने छोटे से घर से बड़े घर तक जाने के सपनों को पूरा करने में अभी और देरी लगेगी। प्रत्येक किराएदार को पुनर्विकास के बाद 500 स्क्वायर फीट का एक 2BHK मिलेगा, जो वर्तमान में एक कमरे के बदले बहुत बड़ा है। पुनर्विकसित अपार्टमेंट में दो बाथरूम होंगे, जबकि वर्तमान में वे हर मंजिल पर स्थित सामान्य बाथरूम साझा करते हैं। सूत्रों के अनुसार, पत्र उन तर्ज पर होगा,जो नायगांव बीडीडी चॉल पुनर्विकास के लिए नए सिरे से टेंडर मंगाई जाएंगी, ताकि परियोजना आगे जल्दी से जल्दी बन सके।

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