NDI24 SPECIAL : सिर्फ खेल के मैदान में ही नहीं, पढ़ाई में भी रहा है इन क्रिकेटर्स का जलवा
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– NDI24 नेटवर्क

मुंबई. बड़ी पुरानी कहावत है- पढ़ोगे लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे तो बनोगे खराब, लेकिन आज के समय में इस कहावत का कोई मतलब नहीं रह गया है। न जाने कितने ऐसे खिलाड़ी हैं, जो पढ़ाई में फ्लॉप रहे हैं, पर खेल की दुनिया में उन्होंने बहुत बड़ा नाम हासिल किया है। लेकिन यहां हम आपको ऐसे खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे, जो खेल के मैदान में अपना जलवा दिखाने से पहले पढ़ाई में भी अव्वल रहे हैं। सुनने में कितना अजीब लग रहा है, लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम के ऐसे कई खिलाड़ी हैं, जो IAS, डॉक्टर और इंजीनियर भी रहे हैं। अक्सर देखा गया है कि ज्यादातर खिलाड़ी पढ़ाई में फिसड्डी ही रहे हैं, क्योंकि खेल और पढ़ाई को हमेशा ही एक-दूसरे के विपरीत समझा गया है, लेकिन इंडियन क्रिकेट टीम के कुछ खिलाड़ियों ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया कि खिलाड़ी पढ़ाई करने से जी चुराते हैं। तो बात करते हैं, उन खिलाड़यों की, जो क्रिकेट की दुनिया के साथ-साथ एकेडमिक्स में भी सबसे आगे रहे।

अनिल कुंबले-

सबसे पहले बात करते हैं टीम इंडिया की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले अनिल कुंबले की। अनिल कुंबले पढ़ाई में उतने ही अच्छे थे, जितने क्रिकेट के मैदान में। उन्होंने कभी भी क्रिकेट का असर पढ़ाई पर नहीं पड़ने दिया। अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद कुंबले ने इंजीनियरिंग की। कुंबले एक मेकैनिकल इंजीनियर हैं औरे उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन भी किया है।

राहुल द्रविड़-

टीम इंडिया के सबसे सफल खिलाड़ियों में शुमार राहुल द्रविड़ ने MBA किया है। राहुल जब MBA कर रहे थे तो उसी समय उनका सेलेक्शन टीम इंडिया में हो गया। राहुल द्रविड़ की शुरुआती पढ़ाई बेंगलुरू के सेंट जोजफ स्कूल से हुई। उसके बाद उन्होंने सेंट जोजफ कॉलेज ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में MBA में दाखिला लिया। MBA कोर्स के दौरान ही उनका सेलेक्शन टीम इंडिया में हो गया। लिहाजा द्रविड़ को बीच में ही MBA छोड़ना पड़ा।

जवागल श्रीनाथ-

श्रीनाथ ने 1991 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर का आगाज किया था। श्रीनाथ क्रिकेट के मैदान में जितने कामयाब रहे हैं, उतने ही अव्वल वो पढ़ाई में भी थे। श्रीनाथ ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और उनके पास इंस्ट्रूमेंटल टेक्नोलॉजी में बैचलर डिग्री है।

वीवीएस लक्ष्मण-

वीवीएस लक्ष्मण ने अपनी शुरुआती पढ़ाई हैदराबाद के लिटिल फ्लावर हाई स्कूल से की। 12वीं के बाद लक्ष्मण ने मेडिकल फील्ड को चुना और MBBS में एडमिशन लिया, लेकिन लक्ष्मण इस MBBS के कोर्स को पूरा नहीं कर पाए और उन्होंने क्रिकेट में करियर के लिए MBBS को बीच में ही छोड़ दिया और उसके बाद लगातार क्रिकेट खेलने की वजह से उन्हें अपना MBBS पूरा करने का भी समय नहीं मिला।

रविचंद्रन अश्विन-

तमिलनाडु के रहने वाले आर. अश्विन मौजूदा समय में टीम इंडिया के सफल गेंदबाजों में से एक हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि अश्विन न केवल क्रिकेट में एक्सपर्ट हैं, बल्कि पढ़ाई के दौरान भी वो काफी अच्छे थे और उन्होंने आईटी में बैचलर डिग्री हासिल की है। यही नहीं अश्विन ने टीम इंडिया में सेलेक्शन से पहले 1 साल तक एक आईटी कंपनी में बतौर इंजीनियर काम भी किया है।

मुरली विजय-

इस कड़ी में एक नाम और आता है और वो है मुरली विजय का। मुरली विजय भी टीम इंडिया के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में आते हैं, जिन्होंने पढ़ाई में ऊंची डिग्री हासिल की है। मुरली ने क्रिकेट खेलने के साथ ही पढ़ाई भी जारी रखी और इकोनॉमिक्स में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री हासिल की।

अजिंक्य रहाणे-

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2013 में अपने करियर का आगाज करने वाले अजिंक्य रहाणे का नाम टीम इंडिया के पढ़े-लिखे खिलाड़ियों में शामिल है। रहाणे ने कभी भी अपनी पढ़ाई पर क्रिकेट का असर नहीं पड़ने दिया और अच्छे नंबरों से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। रहाणे ने स्कूल की पढ़ाई के बाद कॉमर्स फील्ड को चुना। रहाणे कॉमर्स में ग्रेजुएट हैं।

अमय खुरासिया-

ये नाम तो ऐसा है जो आप सभी को सोचने पर मजबूर कर देगा कि क्या क्रिकेट के साथ भी कोई खिलाड़ी IAS जैसे एग्जाम को भी पास कर सकता है, लेकिन ये सच है। अमय खुरासिया भारतीय क्रिकेट टीम के ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जो एक IAS ऑफिसर रहे हैं। खुरासिया टीम इंडिया में सेलेक्शन से पहले ही IAS का एग्जाम पास कर चुके थे और वो भारतीय प्रशासनिक सेवा में काम भी कर रहे थे।

तो ये थे वो कुछ इंडियन क्रिकेटर्स जिन्होंने अपनी पढ़ाई पर खेल का असर नहीं पड़ने दिया। बहरहाल, अगर कोई ये कहता है कि पढ़ाई और खेल का क्या संबंध तो ऐसे लोगों के लिए ये कुछ उदाहरण पर्यात्त हैं। इन खिलाड़ियों ने ये साबित कर दिया कि लगन महज एक जगह ही काम नहीं करती, अगर इंसान चाहे तो वो एक से भी ज्यादा क्षेत्रों में सफलता पा सकता है। खिलाड़ियों के लिए भी पढ़ाई में डिग्री पाना उतना कठिन नहीं है।

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