सौंदर्यीकरण व रख-रखाव के लिए तीन करोड़ रुपये खर्च, 3 साल पहले भाजपा सरकार का निर्णय

NDI24 नेटवर्क
मुंबई. म्हाडा ने मुंबई में बैठक में भाग लेने वाले आईएएस अधिकारियों के विश्राम गृह के रूप में मध्य मुंबई में 14 घर आरक्षित किए हैं और इन घरों के सौंदर्यीकरण व रख-रखाव के लिए तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका विरोध एनसीपी के मुंबई सचिव गणेश आडीवरेकर ने किया, जिन्होंने कहा कि वह अदालत जाएंगे। तीन साल पहले महाराष्ट्र में भाजपा सरकार के दौरान म्हाडा ने मुंबई मीटिंग में भाग लेने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों के विश्राम गृह के लिए मुंबई बिल्डिंग रिपेयर एंड रिकंस्ट्रक्शन बोर्ड के अधिकार क्षेत्र के तहत ताड़देव में वेलिग्टन व्यू बिल्डिंग में 6 घर और माटुंगा में माटुंगा वास्तु भवन में 8 घर देने का फैसला किया। ये घर तब से ऐसे ही पड़े हुए हैं।

आडीवरेकर ने NDI24 से बताया…


अब इन घरों के सुंदरीकरण और रख-रखाव के लिए एक टेंडर जारी होने वाला है, ताकि विश्राम गृह के रिनुवेशन क् कार्य जल्द ही पूरा किया जा सके। वहीं आडीवरेकर ने NDI24 से खास चर्चा के दौरान बताया कि इस कार्य के लिए निविदा में 3 करोड़ रुपये खर्च होगा। आडीवरेकर ने आगे कहा कि इन घरों को उपकर प्राप्त बिल्डिंग की मास्टर सूची में निवासियों के लिए आरक्षित किया गया है और वे इन घरों को प्राप्त करने के लिए म्हाडा के खिलाफ अदालत जाएंगे। इससे यह स्पष्ट है कि म्हाडा की मास्टर सूची में निवासियों को मकान मिलने का मामला सामने आया है।

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