Share

चुनाव आयोग खुद बनाए अपनी रणीनति, खर्च करेंगे 25 लाख करोड़

– NDI24 नेटवर्क
मुंबई. केंद्र की मोदी सरकार के चार वर्ष पूरे होने के मौके पर आज केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर अभी तक के सरकारी कार्यों को गिनाया। इस दौरान उनके साथ मुंबई के बीजेपी अध्यक्ष आशीष शेलार समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से उज्जवला योजना से लेकर जन-धन योजना समेत नोट बंदी और बुलेट ट्रेन जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों को अंजाम दिया गया है। इससे आज देश तरक्की की राह पर अग्रसर है और देशवासियों को भी इसका पूरा लाभ मिल रहा है। वहीं उन्होंने कहा, ‘मैं अपने 5 साल के कार्यकाल में करीब 25 लाख करोड़ का इंवेस्टमेंट करेंगे, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा और पहले की तुलना में देश भर में एक्सीडेंट से होने वाली दुर्घटनाओं में आज 50 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके लिए हमारी सरकार आगे भी कार्य जारी रखेगी। video देखिए यहां…

BJP कभी किसी भी गड़बड़ी का नहीं करती समर्थन

देश भर में ईवीएम-वीवीपैट को लेकर चल रहे विवाद को लेकर एक सवाल में उन्होंने कहा कि इसे इेक्शन कमीशन को गंभीरता से लेना चाहिए। आज देश में कहीं भी बीजेपी जब चुनावों में आगे निकलती है तो विपक्षी दल उस पर आरोप-प्रत्यारोप करने लगते हैं। वहीं जहां बीजेपी आदि जैसे स्थानों पर जहां बीजेपी पीछे रह जाती है, तब लोग शांत रहते हैं। इन मामलों को देखते हुए चुनाव आयोग को अपनी एक अलग और साफ-सुथरी रणनीति बनानी चाहिए, ताकि भविष्य में कभी ईवीएम-वीवीपैट के मामलों को लेकर उस पर कोई उंगली न उठा सके। बीजेपी कभी किसी भी तरह की गड़बड़ी का समर्थन नहीं करती है।

काफी सूझ-बूझ से चलते हैं सीएम देवेंद्र फडनवीस

बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने भले ही पूरी तरह से चुनाव अलग लडऩे का मन बना लिया हो, लेकिन महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडनवीस की सूझ-बूझ के चलते भविष्य में शिवसेना और बीजेपी के साथ होने की फिर से आसार दिख रहे हैं। शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे भी भली-भांति जानते हैं कि उन्हें देश के विकास में अग्रणी पार्टी का साथ देना चाहिए या नहीं…। इस मुद्दे को लेकर गडकरी ने बताया कि समय-समय पर लोगों में आपसी मनमुटाव होते रहते हैं, लेकिन राजनीति में कुछ भी लंबे समय तक नहीं चलता। जैसे क्रिकेट में कोई भी कुछ पहले से निर्धारित नहीं कर सकता, ठीक वैसे ही राजनीति में भी हमेशा के लिए कुछ भी निर्धारित नहीं किया जा सकता। विदित हो कि अभी हाल ही में शिवसेना ने बीजेपी से दूरी बनाने की बात कही थी।

Share