कोरोना की संभावित तीसरी लहर, बच्चों के लिए पोर्टेबुल एक्स-रे मशीन आवश्यक : IMA

प्लानिंग समयपूर्व चुस्त रहे : रमण चतुर्वेदी, विंध्याचल में ऑक्सीजन प्लांट लगेगा : CMO

– सलिल पांडेय
मिर्जापुर. कोरोना (Covid-19) की दूसरी लहर की भयावहता को देखते हुए जन-जन का स्वास्थ्य एवं इलाज के प्रति जागरूक होना अति आवश्यक है, क्योंकि तीसरी लहर की भी आशंका व्यक्त की गई है। इस संबंध में विभिन्न वर्गों के लोगों से लिए जा रहे राय और सुझाव के अंतर्गत IMA के जनपद सचिव डॉ. एसएन पाठक (Dr. SN Pathak) ने सुझाव दिया कि तीसरी लहर के पहले अस्पतालों में उन सारे उपकरणों की व्यवस्था कर ली जानी चाहिए जिनके बिना इलाज नहीं हो पाता है। अब तक मिले सुझाव विंध्याचल मंडल के आयुक्त योगेश्वर राम मिश्र (Yogeshwar Ram Mishra) को प्रेषित है। पूरी उम्मीद लोगों को है कि वे इस पर कार्रवाई जरूर करेंगे।

अस्पताल में सीटी स्कैन की व्यवस्था…

डॉ. पाठक ने कहा कि हर सरकारी मंडलीय तथा जिला अस्पतालों में पोर्टेबुल एक्स-रे मशीन की व्यवस्था हो क्योंकि बच्चों का सीटी स्कैन हो नहीं पाएगा। बच्चों का बेड पर ही एक्स-रे की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसकी लागत लगभग एक लाख रुपए है। मिर्जापुर मंडलीय अस्पताल में सीटी स्कैन की व्यवस्था होनी चाहिए।

दूसरी लहर की भयावहता के कुछ हद तक जिम्मेदार…

सुझाव लेकर सरकारी तंत्र को बेहतर व्यवस्था के अभियान के तहत विद्युत परिषद के अवर अभियंता रमण चतुर्वेदी (Raman Chaturvedi) अति उपयोगी सुझाव दिए। उनके अनुसार भारत में वर्तमान में कोविड 19 वैश्विक महामारी की दूसरी लहर समाप्ति की ओर है। तीसरी लहर की आहट सुनाई देने लगी है। यह लहर बच्चों के लिए काफी खतरनाक होने होगी ऐसा अनुमान विशेषज्ञों द्वारा लगाया गया है। दूसरी लहर में एक बड़ी दुर्वयवस्था डाक्टर की अनुपलब्धता, बेड न मिलना, आक्सीजन न मिलना, जीवन रक्षक दवाओं की कमी आदि देखने में आई थी। टेस्टिंग सुलभ न होना और परिणाम में देरी भी दूसरी लहर की भयावहता के कुछ हद तक जिम्मेदार हैं।

टेलीमेडिसिन सुविधा देने के लिए निर्देशित…

अब जब तीसरी लहर मुहाने पर खड़ी है तो सरकार को तीन चीजों पर प्रमुख रूप से ध्यान देना चाहिए। टेस्टिंग सुलभ हो उसके परिणाम एक दिन में आ जाए। रैपिड किट किसी भी मेडिकल स्टोर पर निःशुल्क या न्यूनतम मूल्य पर उपलब्ध हो। राशन कोटेदारों के माध्यम से भी टेस्टिंग किट का वितरण सरकार हाशिये पर रह रहे लोगों के लिए कर सकती है। पीएचसी स्तर पर भी न्यूनतम 20 ऑक्सीजन युक्त कोविड बेड व 50 आइसोलेशन बेड बनाए जाने चाहिए। टेलीमेडिसिन का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए। सभी निजी प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों को सप्ताह में 10 घण्टे निःशुल्क टेलीमेडिसिन सुविधा देने के लिए निर्देशित किया जा सकता है।

Protective mask and a hand sanitizer

आम आदमी में काफी भ्रांतियां…

नि:शुल्क मास्क व सैनेटाइजर जरूरतमंद तबकों के लिए अभी भी नही सुनिश्चित हुआ है। तत्काल इसकी व्यवस्था हो। ऐसे लोग जो इस महामारी में बेरोजगार हूए हैं अथवा जिनकी आय प्रभावित हुई है, उनके लिए प्रभावी राहत पैकेज लाया जाए। ग्राम पंचायत स्तर पर राहत पैकेज प्रदान किया जाए व लाभार्थियोंका विवरण सार्वजनिक हो, जिससे दुरुपयोग की आशंका न्यूनतम हो। आखिरी में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर आते हैं कोरोना वैक्सीनेशन। अभी भी आम आदमी में काफी भ्रांतियां हैं।

वैक्सीन के लिए अपील करने का अनुरोध…

जिला स्तर पर एक कमेटी बनाई जाए जो वैक्सीन लगने के बाद यदि प्रतिक्रिया होती है तो उसकी समीक्षा करे और किसे वैक्सीन नही लगनी है। इसका विस्तृत प्रोटोकाल बनाए। वैक्सीन के संबंध में प्रचलित भ्रांतियों को दूर करने पर भी काम किया जाए। आन द स्पॉट पंजीकरण शुरू किया जाए। धर्म गुरुओं से भी सार्वजनिक मंचों पर वैक्सीन लगाने के लिए अपील करने का अनुरोध किया जा सकता है। इन सभी सुझाओं पर अमल करके हम तीसरी लहर के प्रभाव को सीमित कर सकते हैं।

इसी माह में ऑक्सीजन प्लांट : डॉ. पीडी गुप्ता

इस संबंध में CMO डॉ. पीडी गुप्ता (Dr. DP Gupta) से जब बात हुई तो उन्होंने कहा कि मंडलीय अस्पताल की तरह विन्ध्याचल में 200 लीटर क्षमता का प्राकृतिक ऑक्सीजन प्लांट इसी माह में लग जाएगा। इसके अलावा चुनार, लालगंज, मड़िहान, हलिया में भी प्लांट प्रस्तावित है।

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