Aurangabad, Nanded समेत पश्चिमी महाराष्ट्र में RAF और SISF तैनात, मुंबई के आसपास पुलिस चौकन्नी…

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मराठा आरक्षण को लेकर सड़क पर उतरने वाले आंदोलनकारियों पर पुलिस रहेगी चौकन्नी
औरंगाबाद, नांदेड़ समेत पश्चिमी महाराष्ट्र में आरएएफ और सीआईएसएफ तैनात
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मराठा आरक्षण को लेकर सड़क पर उतरने वाले आंदोलनकारियों पर पुलिस रहेगी चौकन्नी

– NDI24 नेटवर्क
मुंबई. महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर समुदाय के लोगों ने सरकारी नौकरी और शिक्षा में आरक्षण की मांग करते हुए राज्य भर में नौ अगस्त को जोरदार विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया। मराठा आरक्षण के आंदोलन का नेतृत्व करने वाले नेताओं ने मंगलवार को घोषणा की थी कि वे अपनी मांगों को लेकर महाराष्ट्र बंद करेंगे और सभी संचार निलंबित कर देंगे। जहां इस बार सरकार को शांतिपूर्ण आंदोलन की उम्मीद है, वहीं राज्य भर में हिंसा पर काबू पाने के लिए पुलिस ने भी कमर कस ली है। औरंगाबाद, नांदेड़ और पश्चिमी महाराष्ट्र के कई हिस्सों में छह कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और एक केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की कंपनी तैनात रहेगी। इसके अलावा ठाणे, मुंबई समेत नवी मुंबई में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वहीं इस दरम्यान पुलिस भी काफी चौकन्नी रहेगी, ताकि कहीं भी आंदोलनकारी हिंसा न भड़का सकें।

अपनी ताकत दिखाने को तैयार मराठा क्रांति मोर्चा

विदित हो कि मराठा समुदाय की योजना छोटे कार्यालय, तहसीलदार और एसडीएम के कार्यालयों पर धावा बोलने की है। सुरक्षा की दृष्टि से अमरावती के स्कूल नौ अगस्त को बंद रहेंगे। बता दें कि 31 जुलाई को सीएम देवेंद्र फडनवीस ने कहा था कि राज्य सरकार मराठा आरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। इसके बावजूद मराठा क्रांति मोर्चा के नेता विनोद पोखकर ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार न केवल 2014 विधानसभा चुनावों से पहले और पिछले चार सालों में मराठा समुदाय को किए गए अपने वादे को लागू करने में नाकाम रही, बल्कि मराठा आंदोलनकारियों के खिलाफ  दायर पुलिस शिकायतों को वापस लेने की प्रक्रिया में भी काफी देरी हुई है। पिछले महीने आंदोलन के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने गंभीर आरोपों के तहत समुदाय के कम से कम 2,000 युवाओं को गिरफ्तार कर लिया था।

‘हिंसा का सहारा न लें मराठा आंदोलनकारी’

बता दें कि राज्य सरकार ने मराठा युवाओं के खिलाफ मामलों पर सुनवाई 9 अगस्त के बाद करने की योजना बना रखी है, ताकि मराठा क्रांति मोर्चा की तरफ से घोषित महाराष्ट्र बंद को नाकामयाब किया जा सके। इसका मतलब साफ है कि बंद आंदोलनकारी गुरुवार तक सलाखों के पीछे ही रहेंगे। इसके अलावा पुलिस स्टेशनों में गिरफ्तार मराठा युवाओं के खिलाफ मामला रफा-दफा करने के लिए अभी तक राज्य सरकार की तरफ से भी कोई पत्र नहीं दिया गया। वहीं मराठा क्रांति मोर्चा के एक और नेता भाय्या पाटिल की मानें तो 9 अगस्त के विरोध प्रदर्शन की रणनीति को अंतिम रूप दिया जा चुका है। हम सरकार को अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं। विदित हो कि राजनीतिक तौर पर प्रभावशाली मराठा समुदाय महाराष्ट्र की आबादी का करीब 30 प्रतिशत है। वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट भी मंगलवार को मराठा समुदाय के सदस्यों से हिंसा का सहारा न लेने और आरक्षण की मांग के लिए आत्महत्या जैसे कदम न उठाने की अपील कर चुका है।

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