आरबीआई के पास वापस आया 15.41 करोड़

पुराने नोट बंद करके PM Modi ने जारी किए थे 500 और 2000 के नए नोट

– NDI24 नेटवर्क
मुुंबई. देश भर में शायद ही वह तारीख कोई भूला हो, जब 8 नवंबर 2016 को अचानक लागू हुए नोट बंदी के फरमान से पूरा हिंदुस्तान हिल गया हो। अब जब दो साल करीब होने को आए, तब रिजर्व बैंक ने बुधवार को इसके तहत तकरीबन 2 साल बाद वापस आए पुराने 1000 और 500 रुपये के नोटों की रिपोर्ट जारी की है। आरबीआई ने कहा है कि नोटबंदी के समय चल रहे कुल 15 लाख 31 हजार करोड़ रुपये के पुराने नोट वापस आए हैं। विदित हो कि 8 नवंबर 2016 को कुल 15 लाख 41 करोड़ से अधिक की मुद्रा प्रचलन में थी। आरबीआई ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया कि नोटबंदी के बाद नए नोटों की छपाई पर हुए खर्च के बारे में बताया कि इन्हें छापने में अब तक सरकार के 7,965 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। बता दें कि पीएम मोदी ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करके नया 500 और 2000 रुपये का नोट जारी किया था।

बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण थी प्रक्रिया…

इतना ही नहीं आरबीआई ने ये भी कहा कि नोटबंदी के दौरान बैंकों में वापस आए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट की गिनती और असली की पहचान करने के बाद उन्हें नष्ट कर इस रद्दी से ईंट बनाई जाएंगी। उसके बाद टेंडर प्रक्रिया के द्वारा उनका निपटान किया जाएगा। 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद 30 जून, 2017 तक 15.28 लाख करोड़ रुपये के पुराने नोट आरबीआई के पास पहुंच चुके थे। आरबीआई ने अपनी 2016-17 की वार्षिक रिपोर्ट में बताया था कि नोटबंदी के बाद 1000 रुपये के 8.9 करोड़ नोट वापस नहीं आए। इस दौरान कुल 99 फीसदी नोट वापस आ गये थे। इसका मतलब साफ  है कि नोटबंदी के बाद सिस्टम का लगभग सारा पैसा बैंकों में वापस आ गया। वहीं आरबीआई ने कहा कि नोटबंदी की प्रक्रिया बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण थी।

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