श्री राम मानस मंदिर में आयोजित हुई सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा संपन्न

NDI24 नेटवर्क
कानपुर.
श्री राम मानस मंदिर में आयोजित हुई सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया, जिसमें कथा व्यास वृंदावन से पधारे पंडित दीपक कृष्ण जी महाराज द्वारा भागवत कथा का बहुत ही सुंदर ढंग से व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। कथा प्रसंगों के माध्यम से बताया गया कि कथा से हमें जीवन में आने वाली समस्याओं से डटकर सामना सिखाया जा सकता है। कथा में आगे प्रसंग में बताया कि पति-पत्नी में सामंजस्य होना बहुत आवश्यक है, अन्यथा कष्ट भोगना पड़ता है। हरिश्चंद्र महाराज के माध्यम से बताते हुए कहा कि हमें कभी सत्य का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। गिरिराज जी की कथा हमें सिखाती है कि जीवन में पेड़-पौधे प्रकृति का संरक्षण व संवर्धन बहुत आवश्यक है।

ब्राह्मण को संतोषी होना बहुत आवश्यक…

वहीं सुदामा जी के बारे में बताया गया कि वे निर्धन थे, परंतु दरुद्री नहीं थे। ब्राह्मण को संतोषी होना बहुत आवश्यक होता है। कथा के विश्रय दिवस में भक्तों ने पोथी-पूजन कर राधा-कृष्ण की मनोहारी झांकी के साथ फूलों की होली खेली। वहां मानो ऐसा लग रहा था कि यह कथा स्थल नहीं, अपितु साक्षात वृंदावन है। पंडित दीपक कृष्ण जी महाराज ने बताया कि प्रेम ही जीवन का सार है। कथा के यजमान विवेक बाजपेई ने सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर सरस बाजपेई, पूर्ति पांडे, मनोज बाजपेई, संदीप शुक्ला, अंकित सैनी, महेश त्रिवेदी, पंडित संतोष जी आदि लोग सम्मिलित हुए।

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