समीक्षा : उबाऊ, पकाऊ और झेलाऊ कांसेप्ट का झोल है धारावाहिक 'और भाई क्या चल रहा है' : पवन सिंह

दर्शक वर्ग के स्लॉट को अपनी ओर खींचने की कवायद, हास्य व्यंग धारावाहिकों की भरमार

– NDI24 नेटवर्क
लखनऊ. तनाव और निराशा भरे माहौल‌ में यदि जीवन में हास्य-व्यंग्य देखने-सुनने को मिले तो इससे अच्छा और क्या हो सकता है।‌ कॉमेडी सीरियल्स के मामले में सोनी सब टीवी (Sony Sab Tv) ने अपना एक अलग मुकाम बना रखा है और उसके पास एक अच्छा दर्शक वर्ग बन चुका है। अब इस दर्शक वर्ग के स्लॉट को अपनी ओर खींचने की कवायद दूसरे इंटरटेनमेंट चैनलों (Entertainment Channels) ने शुरू तो की, लेकिन वो इस मामले में खास सफल नहीं रहे। वहीं एंड टीवी (& Tv) ने हास्य व्यंग धारावाहिकों को जगह दी। एंड टीवी को धारावाहिक ‘भाभी जी घर पर हैं’ (Bhabhiji Ghar Par Hai) और‌ ‘हप्पू की उल्टन पल्टन’ (Happu ki Ultan Paltan) ने एक नई पहचान दी। वहीं सोनी सब पर प्रसारित धारावाहिकों- :मैडम सर’ (Madam Sir), ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ (Tarak Mehta ka Ulta Chashma) और वाग्ले की दुनियां ने मीनिंगफुल कॉमेडी (Meaning full Comedy) को सामने रखा।

कांसेप्ट के नाम पर केवल भोथरापन…

इन सभी धारावाहिकों ने अच्छा दर्शक वर्ग बटोरा। इसी बीच आजकल ऐन टीवी लखनऊ की पृष्ठभूमि को लादफांद कर एक नया हास्य धारावाहिक ‘और भाई क्या चल रहा है’ (Aur Bhai Kya Chal Raha Hai) देकर आया जरूर, लेकिन यह पूरा धारावाहिक उबाऊ, पकाऊ और झेलाऊ कांसेप्ट का झोल है। बोझिल और उबाऊ सा जबरिया हास्य परोसने की बेवजह कोशिश है। एक हवेली, दो परिवार, एक हिंदू-एक मुस्लिम परिवार, हवेली में शापिंग माल की कवायद, खंबा, बंबा, पोर्टिको… मतलब हास्य के कांसेप्ट के नाम पर केवल भोथरापन है।

लखनऊ के लोगों को लिए तो भावनात्मक जुड़ाव…

केवल कलाकारों के भरोसे इस जबरिया ठुंसाऊ हास्य को आखिरकार कब तक दर्शक वर्ग मिलता रहेगा? यह धारावाहिक चूंकि लखनऊ में शूट हो रहा है तो लखनऊ के लोगों को लिए तो भावनात्मक जुड़ाव कर सकता है, लेकिन चूंकि यह नेशनल, इंटरटेनमेंट, चैनल पर प्रसारित हो रहा है। ऐसे में यह धारावाहिक बुरी तरह फेल है। एंड टीवी की प्रोडेक्शन टीम को ऐसे भोथरे कांसेप्ट को पर्दे पर देना एंड टीवी की व्यूवरशिप को चोट दे सकता है।

लखनऊ की लोकेशन को टच करता है सीरियल…

मीनिंगफुल कामेडी के मामले में सोनी सब के वाग्ले की दुनियां का कोई जवाब नहीं है।‌ इसके अलावा मैडम सर का भी कांसेप्ट जबरदस्त है। हालांकि मैडम सर धारावाहिक भी लखनऊ की लोकेशन को टच करता है और हास्य के साथ-साथ दर्शकों को मैसेज भी कनवे करता है, जबकि एंड टीवी के ‘भाभी जी घर पर हैं’ और ‘हप्पू की पल्टन’ एक बेहतर स्टोरी और स्क्रीन प्ले के लिहाज से विशुद्ध हास्य को सामने रखती है। एंड टीवी का धारावाहिक ‘और भाई क्या चल रहा है’…स्टोरी, हास्य पंचेज, टाइमिंग, स्क्रीन प्ले…के लिहाज से बहुत ही सतही है। यदि हास्य व्यंग धारावाहिकों की तुलनात्मक समीक्षा की जाए तो ‘और क्या चल रहा है’ एक बेहद उबाऊ, पकाऊ और झेलाऊ कांसेप्ट वाला लचर-फचर धारावाहिक है।

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