टी-80 कंट्रोल रूम, टनल टी-144 के कट एवं कवर, नवयुग रोड टनल का निरीक्षण

– NDI24 नेटवर्क
नई दिल्ली.
रेल राज्यमंत्री दर्शना विक्रम जरदोश ने ट्रेन से यात्रा की, टनल टी-80 कंट्रोल रूम, टनल टी-144 के कट एवं कवर, नवयुग रोड टनल का निरीक्षण किया और बनिहाल में इरकान परिसर का दौरा किया। श्रीनगर रेलवे स्टेशन पर स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम में भाग लिया। रेल राज्यमंत्री ने अपने कश्मीर घाटी के दौरे पर उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक नेशनल प्रोजेक्ट (USBRL) में चल रहे कार्यों की समीक्षा की। मंत्री श्रीनगर से ट्रेन से बनिहाल रेलवे स्टेशन पहुंची, जिसमें उनके साथ अपर महाप्रबंधक, उत्तर रेलवे नवीन गुलाटी, मंडल रेल प्रबंधक, फिरोजपुर डॉ. सीमा शर्मा, मुख्य अभियंता यूएसबीआरएल बी.बी.एस. तोमर, कार्यकारी निदेशक इरकान ए.के. गोयल और उत्तर रेलवे तथा इरकान के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। मार्ग में मंत्री महोदया ने ट्रेन इंजन के केबिन पर यात्रा की। उन्होंने ट्रेन चलाने की प्रक्रिया को बड़े ध्यान से देखा।

कार्य की प्रगति के बारे में बताया गया…

मंत्री ने खूबसूरत बनिहाल स्टेशन का भ्रमण किया और टनल टी-80 के कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। 11.2 किमी. लम्बाई के साथ वर्तमान में यह भारत में सबसे लंबी रेलवे टनल है। यह विशाल पीर पंजाल हिमालयी रेंज से गुज़रती है, जो जम्मू-कश्मीर में बनिहाल और काजीगुंड शहरों को जोड़ती है। टनल की निगरानी स्ट्रक्चर के भीतर प्रभावी रेल संचालन के लिए की जाती है। बाद में उन्होंने बनिहाल में इरकान परिसर का दौरा किया जहां उन्हें परियोजना के शेष बचे भाग (कटरा-बनिहाल) के कार्य की प्रगति के बारे में बताया गया। उन्होंने टनल टी-144 का दौरा किया और वहां पर चल रहे कट एवं कवर प्रक्रिया की समीक्षा की।

शेष भाग मिशन मोड पर पूरा करने का आह्वान…

मंत्री महोदया ने प्रेस वार्ता में यूएसबीआरएल परियोजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के लोगों की पूरे वर्ष देश के बाकी हिस्सो से जुड़े रहने के लिए अच्छी रेलवे परिवहन प्रणाली की आकांक्षा को पूरा करना होगा। उन्होंने परियोजना में काम कर रहे अभियंताओं से परियोजना के शेष भाग को मिशन मोड पर पूरा करने का आह्वान किया।

13 बड़े और 11 छोट पुल तैयार…

वर्तमान में चिनाब ब्रिज, विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल का आर्क कार्य पूरा हो गया है जबकि अंजी पुल पर एक विषम केबल स्टे ब्रिज का कार्य तेजी से चल रहा है। कुल 97.64 किमी. मेन टनलिंग का 88.5 किमी. और 66.5 किमी. निकास टनल का 60 किमी. कार्य पूरा हो गया है। 13 बड़े और 11 छोट पुलों को बनाने का कार्य भी पूरा हो गया है।

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