Special Story : क्या है स्टार्टअप? कौन शुरू कर सकता है?
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देश हित का जज्बा रखने वाले हर एक की जुबान पर होता है स्टार्टअप

– NDI24 नेटवर्क
मुंबई.
आज के समय में स्टार्टअप एक ऐसा शब्द है, जो देश हित का जज्बा रखने वाले हर एक की जुबान पर है। सरकार भी देश में स्टार्टअप को सपोर्ट करने के लिए काफी प्रयासरत है। ऐसे में अगर आप भी अपना स्टार्टअप जैसा कुछ शुरू करने की सोच रहे हैं तो यहां पर हम आपको स्टार्टअप से संबंधित ऐसी जानकारी देने जा रहे हैं जो आपको काफी मदद करेगी। आजकल युवाओं में स्टार्टअप को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है, लेकिन ऐसा भी देखा गया है कि पर्याप्त जानकारी न होने की वजह से यही स्टार्टअप फाउंडर के लिए मुसीबत भी बन जाता है। 

क्या है स्टार्टअप…

स्टार्टअप में किसी नए काम को एकदम नए तरीके से किया जाता है और इस काम में एक बड़ा तबका प्रभावित होता है। स्टार्टअप शुरू करने के लिए कतई जरूरी नहीं है कि आपके पास करोंड़ो रुपए हों। इसके लिए एक ऐसे आईडिया की जरूरत पड़ती हो जो एकदम हट कर हो और वो आइडिया किसी समस्या को हल करता हो। 

कौन शुरू कर सकता है स्टार्टअप…

अधिकतर लोगों को लगता है कि केवल वे ही लोग स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं, जो टेक्नोलॉजी में निपुण होते हैं और स्टार्टअप केवल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में ही स्टार्ट हो सकते हैं, जोकि गलत धारणा है। स्टार्टअप किसी भी क्षेत्र में शुरू किया जा सकता है। बस आइडिया अलग हो और किसी प्रॉब्लम को हल करता हो। 

बिजनेस और स्टार्टअप में क्या फर्क है…

कई लोगों को लगता है कि बिजनेस और स्टार्टअप एक ही चीज है, लेकिन ये भी एक गलत धारण है। बिजनेस और स्टार्टअप में काफी फर्क होता हो। बिजनेस में व्यक्ति प्रॉफिट पर फोकस करता है, जबकि स्टार्टअप में फाउंडर कंपनी की ग्रोथ पर फोकस करता है। स्टार्टअप में पहले प्रॉफिट पर काम न करके कंपनी के विस्तार पर काम किया जाता है। 

स्टार्टअप को फंड कैसे किया जाता है…

स्टार्टअप के शुरुआती फंड की बात करें तो फाउंडर को अपने सेविंग, परिवार या दोस्तों की मदद या बैंक लोन से फंड किया जाता है। अगर स्टार्टअप सफल हो जाता है तो फाउंडर को Angel Investor से फंडिंग मिल जाती है। उसके बाद फाउंडर अगर और पैसे जमा करना चाहता है तो वो Venture Capitalist से पैसे को जुटा सकता है। इसके बदले में फाउंडर की ओर से इनवेस्टर्स को इक्विटी या शेयर का हिस्सा दिया जाता है। 

युवाओं की पहली पसंद बन रहा स्टार्टअप…

आज के समय में नौकरी के लिहाज से भी स्टार्टअप युवाओं की पहली पसंद बनते जा रहे हैं, क्योंकि स्टार्टअप कंपनियों में सीखने के लिए बहुत कुछ होता है। यहां पर काम करने का माहौल भी थोड़ा लचीला होता है। भारत में स्टार्टअप की संख्या जिस तेजी से बढ़ रही है, उसे देखते हुए अनुमान लगाया जा सकता है कि आने वाले 10 वर्षों में भारत में स्टार्टअप की संख्या बढ़कर 1 लाख हो जाएगी।

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