हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत करना एक साहसिक कार्य : श्रीश श्रीवास्तव, वर्चुअल सेमिनार का आयोजन

हिन्दी पत्रकारिता दिवस 30 मई के अवसर वरिष्ठ पत्रकार सलिल पांडेय के नेतृत्व में आयोजित

– NDI24 नेटवर्क
मिर्जापुर. हिन्दी पत्रकारिता दिवस 30 मई के अवसर वरिष्ठ पत्रकार सलिल पांडेय के नेतृत्व में वर्चुअल सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें “कोरोना महामारी के दौरान पत्रकारों की सकारात्मक भूमिका” विषयक परिचर्चा की गई। गोष्ठी के प्रारंभ में “उदन्त मार्तण्ड” पत्रिका के संपादक पं. युगल किशोर शुक्ल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा करते हुए राज्य लीला हिन्दी साप्ताहिक के संपादक श्रीश श्रीवास्तव ने कहा कि उस दौर में हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत करना एक साहसिक कार्य था।

लोगों को प्रकृति के संरक्षण के प्रति जागरूक…

युवा पत्रकार राजन गुप्ता ने कोरोना संक्रमण के दौर में पत्रकारिता की सकारात्मक भूमिका की सराहना की तथा अपनी जान जोखिम में डाल कर काम कर रहे पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर का दर्जा दिये जाने की मांग की है साथ ही इस दौरान मृत्यु प्राप्त होने वाले पत्रकारों को मुआवजा देने की बात कही। लालगंज से जुड़े समाजसेवी कमलनयन दूबे ने कहा कि पत्रकारिता एक चुनौतीपूर्ण काम है। वर्तमान परिवेश में पत्रकार जनों ने ऐतिहासिक रूप से सक्रियता दिखाई एवं लोगों को प्रकृति के संरक्षण के प्रति जागरूक किया।

विद्वान पत्रकार साथियों के प्रति आभार…

सलिल पांडेय ने विपत्ति के समय में कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्ति के लिए आध्यात्मिक जीवनशैली अपनाने पर बल दिया। गोष्ठी के आयोजक विंध्यवासिनी केसरवानी ने बताया कि बचाव ही इस महामारी का इलाज है और पत्रकार सरकारी दिशा निर्देशों का प्रचार-प्रसार करने में जुटे हुए हैं। कानपुर जनपद से परिचर्चा में भाग ले रहीं महिला प्रतिनिधि डॉ पूनम द्विवेदी ने बजरंग बाण के स्वानुभूत प्रयोग को इस दौर में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। अंत में गोष्ठी के संचालक सलिल पांडेय ने प्रतिभाग कर रहे विद्वान पत्रकार साथियों के प्रति आभार प्रकट किया।

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