मानसून सत्र में केंद्र के कृषि कानून के खिलाफ लें संकल्प, प्रस्तावित बिल पर किसान संघ से चर्चा करें

अ भा किसान संघर्ष समन्वय समिति की शरद पवार, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री के साथ चर्चा की मांग

– NDI24 नेटवर्क
मुंबई. अभा किसान संघर्ष समन्वय समिति के महाराष्ट्र के प्रमुख नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में मुंबई में एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात की और केंद्र द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों के विरोध में आवाज उठाई। उन्होंने यह भी मांग की कि महाविकास अघाड़ी सरकार को मानसून सत्र में कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित करना चाहिए। इस पर पवार ने मुख्यमंत्री से चर्चा कर मामले को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।

प्रतिनिधिमंडल में ये लोग थे शामिल…

प्रतिनिधिमंडल में खा स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता राजू शेट्टी, जन आंदोलन की नेता मेधाताई पाटकर, लोक संघर्ष मोर्चा और एआईकेएससीसी (AIKSCC) की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की सदस्य प्रतिभा शिंदे, सत्यशोधक शेतकारी सभा के किशोर ढमाले, किसान सभा के नामदेव गावड़े, शेतकारी सभा के एसवी जाधव, अभा किसान सभा के उमेश देशमुख, श्रमिक शेतकारी संगठन के सुभाष काकुस्ते, जय किसान आंदोलन के शकील अहमद, महिला किसान अधिकार मंच (मकाम) की सीमा कुलकर्णी आदि शामिल थे।

संबंधित विभागों के सचिव भी उपस्थित…

दोपहर में प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में कृषि कानूनों पर चर्चा की।उपमुख्यमंत्री के साथ राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट, कृषि मंत्री दादा भूसे, सहकारिता मंत्री बालासाहेब पाटिल समेत संबंधित विभागों के सचिव भी उपस्थित थे।

प्रतिनिधिमंडल के निम्नलिखित मुद्दे…

1) राज्य सरकार को पहले दिल्ली में किसान आंदोलन का समर्थन करने और तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए विधिमंडल में निर्णय लेना चाहिए।

2) राज्य में प्रस्तावित कानून पर सार्वजनिक चर्चा शुरू करने के लिए दो दिवसीय विशेष कृषि सम्मेलन का आयोजन किया जाए और फिर राज्य के कृषि कानून में संशोधन किया जाए। बिना जल्दबाजी किए इस पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।

3) छोटे किसानों, आदिवासियों और महिला किसानों के लाभ के लिए कृषि अधिनियम में परिवर्तन किया जाना चाहिए।

4) फडणवीस सरकार के कॉरपोरेट धारजीने भूमि अधिग्रहण अधिनियम को निरस्त किया जाना चाहिए और 2013 की यूपीए सरकार के भूमि अधिग्रहण अधिनियम को बहाल किया जाना चाहिए।

अजीत पवार ने मुख्यमंत्री को कराया अवगत…

इस संबंध में मंत्रियों के समूह के साथ सकारात्मक चर्चा हुई। अजीत दादा पवार ने तुरंत इन मांगों से मुख्यमंत्री को फोन पर अवगत कराया और मुख्यमंत्री ने उन्हें शाम को बैठक के लिए आमंत्रित किया। वहीं मुख्यमंत्री ने आगामी कैबिनेट बैठक में उपरोक्त तीनों मांगों पर विस्तार से चर्चा करने और किसान संगठनों को विश्वास में लेने का आश्वासन दिया। कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने भी किसान संघों की मांगों का समर्थन किया है।

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