कांग्रेस को 26 तो वहीं राकांपा को 22 लोकसभा सीटें मिली हैं, जबकि दोनों अपने कोटे से देंगे 2-2 सीटें
कांग्रेस-राकांपा की संयुक्‍त वाता में महागठबंधन की घोषणा
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कांग्रेस को 26 तो वहीं राकांपा को 22 लोकसभा सीटें मिली हैं, जबकि दोनों अपने कोटे से देंगे 2-2 सीटें

– NDI24 नेटवर्क

मुंबई. लोकसभा चुनाव के लिए सीटों  की घोषणा आखिरकार महाआघाड़ी ने कर ही दी। राज्य भर में 56 मित्र दलों के सहयोग से बनी संयुक्‍त पुरोगामी महाआघाड़ी में कांग्रेस 24 सीटों पर लोस चुनाव लड़ेगी तो वहीं राकांपा अपने उम्मदवारों को 20 लोस चुनाव क्षेत्रों से उतारेगी, जबकि कांग्रेस-राकांपा दोनों अपनी-अपनी सीटों से दो-दो लोस सीटें अपने मित्र पक्षों को देने की घोषणा की है। कांग्रेस-राकांपा ने एक संयुक्‍त प्रेस वार्ता में शनिवार को बताया कि बहुजन विकास गठबंधन को एक सीट, स्वाभिमानी शेतकरी संघटना को 2 सीटें और युवा स्वाभिमानी पार्टी को एक स्थान दिया गया है। इस दौरान मुख्य रूप से कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक चव्हाण, राकांपा के प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटील, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत पवार समेत सभी मित्र दलों के प्रमुखों के अलावा बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता व नेता उपस्थित रहे, जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व विधानसभा के विरोधी पक्ष नेता राधाकृष्ण विखे पाटील प्रेस कॉन्फ्रेंस ने नदारद रहे। इस मौके पर सभी ने मिलकर एक स्वर में देश भर में एक बड़े बदलाव का आहवान किया है।

56 इंज के सीने पर 56 मित्र दलों की महाआघाड़ी…

वहीं संयुक्‍त पुरोगामी महाआघाड़ी ने केंद्र सरकार समेत भाजपा-शिवसेना पर जमकर निशाना भी साधा। इस मौके पर स्वाभिमानी शेतकरी संघटना, किसान कामगार पक्ष, पीपल्स रिपब्लिक पार्टी कवाडे गट, बहुजन विकास अगाड़ी, युवा स्वाभिमान पार्टी, अखिल भारतीय घोषित घुमंतू जनजातियां, आरपीआई डेमोक्रेट, स्वाभिमानी रिपब्लिकन पार्टी, भीमसेन, यूनाइटेड रिपब्लिक पार्टी, रिपब्लिकन यूनियन, इंडियन डेमोक्रेटिक अलाइंस, महाराष्ट्र मुस्लिम संघ, आंबेडकर विचार मंच, महाराष्ट्र परिवर्तन सेना, स्वाभिमान रिपाई, आरपीआई खरात ग्रुप समेत करीब 56 मित्र दलों ने महाआघाड़ी में शामिल होने निर्णय लिया गया। वहीं एक सवाल के जवाब में अशोक चव्हाण ने अपने 56 मित्र दलों के साथ पीएम मोदी के 56 इंज के सीने पर जमकर मजाक उड़ाया।

नफरत फैलाने का काम कर रही सरकार : अशोक चव्हाण…

कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने कहा कि भाजपा और शिवसेना के लोग कट्टरपंथी पार्टियां हैं और उन्हें सबक सिखाने के लिए आवाम आगामी लोस चुनाव के लिए तैयार है। हमारी कोशिश थी कि हमारे इस अभियान में राज्य भर के कई दल शामिल हों। जबकि भाजपा ने साम-दाम-दंड-भेद की प्रक्रिया अपनाकर हमारे महाआघाड़ी में शामिल न होने के लिए कई विभिन्न दलों उकसाने का काम किया है। वहीं बेरोजगारी और विकास समेत किसान जैसे कई मुददों पर भाजपा और उसके सहयोगियों को जनता माफ करने वाली नहीं है। पिछले पांच वर्षों में भाजपा ने सिर्फ जनता को ठगने का काम किया है और बदले में जुमले पर जुमले परोसें हैं। वोटों के विभाजन से बचने के लिए हमें साथ आने की जरूरत है। सरकार समाज में नफरत फैलाने का काम कर रही है। भीमा कोरगांव जैसे राज्य के गंभीर मुददे पर संभाजी भिड़े, मिलिंद एकबोटे को छोड़ दिया गया। ऑनलाइन के नाम पर सताने वाली यह सरकार आज तक धनगर समाज को आरक्षण नहीं दे सकी।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को पीएम मोदी गुपचुप देते हैं बधाई : जयंत पाटील…

वहीं राकांपा के प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटील ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए हमें एक साथ आना चाहिए। हम सभी इस संबंध में एक साथ हैं। इसी विचार को लेकर आज हम सभी एक हुए हैं। महाआघाड़ी में अधिकाधिक लोगों को शामिल करने के लिए कई लोगों के साथ चर्चा की गई। भाजपा-शिवसेना सरकार के कार्यकाल में जनता-जनार्दन के साथ अन्याय हुआ है, जिसके चलते आज किसान, मजदूर, बेरोजगारी के मुद्दे, ग्रामीण क्षेत्रों में लोग सूखे का सामना कर रहे हैं। उनके साथ न्याय करना। भारत के प्रधानमंत्री गुप्त रूप से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को बधाई देते हैं और दूसरी ओर देश की जनता को आपस में ही अलग करने की कार्य प्रणाली को गति दे रहे हैं। मोदी सार्वजनिक जीवन में कुछ और तो निजी जीवन में वे अलग विचार रखते हैं। सत्ता में आने के बाद हम हम किसानों को उत्पादन की लागत बढ़ा देंगे, जिससे उनके जीवन स्तर पर फर्क पड़ेगा और हम ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतेंगे।

भाजपा ने किया धोखा देने का काम : राजू शेटटी…

इसी मौके पर मौजूद स्वाभिमानी शेतकरी संघटना राजू शेट्टी ने कहा भाजपा ने आम लोगों, श्रमिकों, किसानों और बेरोजगारों से जूझ रहे नवयुवकों को ने धोखा देने का कार्य किया है। अच्छे दिन का सपना दिखाकर सत्ता पर आसीन होने वाली भाजपा सरकार ने लोगों से सिर्फ झूठे वादे किए है, जिसके चलते जनता परेशान है। इस सरकार से सामाजिक और धार्मिक एकता को भी खतरा है। हमारा महाराष्ट्र संत और समाज सुधारकों को राज्य है, लेकिन भाजपा-शिवसेना सरकार ने नफरत फैलाने का काम किया है। इस सरकार की राजनीतिक हथकंडों से अब सामाजिक समरसता भी खतरे में है, जिसके चलते संविधान से खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके चलते आज सुप्रीम कोर्ट, सीबीआई जैसी लोकतंत्र की रखवाली करने वाली संस्थाओं का औचित्य भी खतरे में है। हमारी सरकार के पास किसानों के लिए लाभकारी योजना है, जिसका खामियाजा सरकार को लोकसभा चुनावों में भुगतना ही पड़ेगा।

नतीजा भुगतने को तैयार रहे भाजपा : अजीत पवार…

वहीं राकांपा के वरिष्ठ नेता अजीत पवार ने कहा कि हमने निर्णय लिया है कि अब पार्टियों को 10 सीटें दी जानी चाहिए। 38 सीटों के लिए कांग्रेस-राकांपा ने यह फैसला किया है, जिसके लिए 6 सीटें देने की बात भी हो गया है, लेकिन उसका फाइनल निर्णय राहुल गांधी करेंगे। महाआघाड़ी में न आने के लिए लोगों को हर तरह से उकसाया गया, जिसके चलते राज्य की जो पार्टियां महाआघाड़ी में शामिल नहीं हुई हैं, हम उन्हें भाजपा की टीम-बी की श्रेणी में देख रहे हैं। वहीं भाजपा की लोस चुनाव की लिस्ट पर तंज कसते हुए पवार ने कहा कि उनकी सूची में 25 प्रतिशत उम्मीदवार कांग्रेस-राकांपा के हैं। भाजपा ने सत्ता सुख भोगते हुए लोगों को आपस में ही तोड़ने की नीति का उपयोग किया है। अज भाजपा के हर षडयंत्र को देश की आवाम समझ गई है और इसका नतीजा भाजपा सरकार भुगतने को तैयार रहे।

वायरल हुई ऑडियों क्लिप पर बोले अशोक चव्हाण…

वहीं चुनाव नजदीक आते ही महाराष्ट्र की राजनीति हलकों में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक चव्हाण अब इस्तीफा देने की प्रक्रिया पर चर्चा हो रही है। चंद्रपुर मामले पर वायरल हुई ऑडियो क्लिप पर अशोक चव्हाण कहा कि इसमें वे पार्टी में किसी की नहीं सुन रहे हैं। अशोक चव्हाण ने कहा कि उन्होंने क्लिप नहीं सुनी। विदित हो कि चंद्रपुर में हंसराज अहीर के खिलाफ कांग्रेस से विनायक बांगड़े को उम्मीदवार बनाया गया है। बांगडे़ की उम्मीदवारी के कारण कार्यकर्ता नाराज हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि उनका काम कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना है, जबकि वायरल हुई क्लिप को लेकर चव्हाण ऐसी हरकत करने वाले कार्यकर्ता से निराश दिखे।

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