सारे स्थानीय समीकरण बदलने की सफल रणनीतिक कोशिश, विधानसभा उपचुनाव मामला

– NDI24 नेटवर्क
सोलापुर. पंढरपुर (Pandharpur) विधानसभा उपचुनाव (Assembly by-election) में प्रचार समाप्त होने के साथ ही भाजपा तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस की जीत की ताकत का आंकलन होना शुरू हो गया है। भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल (Chandrakant Dada Patil) और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के नेतृत्व में अपने उम्मीदवार समाधान आवताड़े की जीत के लिए सारी ताकत झोंक दी है और सारे स्थानीय समीकरण बदलने की सफल रणनीतिक कोशिश की है। मराठवाडा (Marathwada) के ज्यादातर प्रभावशाली भाजपा नेताओं द्वारा यहां जबरदस्त प्रचार करने से भाजपा की लगातार बढ़ती ताकत और मजबूत हुई है। भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल ने कहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस (NCP) इसीलिए परेशान हैं, क्योंकि भाजपा (BJP) इस विधानसभा सीट पर पहली बार बहुत ताकतवर होकर उभरी है।

कोई अलग राजनीतिक चाल के भी आसार…

उल्लेखनीय है कि पंढरपुर उपचुनाव में भाजपा जातिगत समीकरण साधने में पहली बार सफल रही है, इसीलिए वह यहां पर ग्राउंड लेवल पर काफी प्रभावशाली होकर उभरी है। भाजपा अध्यक्ष पाटिल ने कहा है कि इस उपचुनाव में यहां की जनता ने भाजपा की जीत पहले से ही सुनिश्चित कर दी है। हालांकि उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को मतदान तक सतर्क व सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस सरकार में होने के कारण भाजपा के खिलाफ ऐन मौके पर कोई अलग राजनीतिक चाल भी खेल सकती है।

पहले के ज्यादा करनी पड़ रही मेहनत…

पंढरपुर विधानसभा क्षेत्र में सन 2019 में कुल 37.48 प्रतिशत वोट पड़े थे, जिनमें से राष्‍ट्रवादी कांग्रेस के भारत भालके ने भाजपा के सुधाकर परिचारक को 13361 वोटों से हराया था। लेकिन अब परिचारक खुद भी समाधान आवताड़े के समर्थन में घर घर जाकर प्रचार कर रहे हैं, जिससे भाजपा की ताकत दुगनी हो गई है। इस चुनाव में समाधान आवताड़े के समर्थक लगभग 54 हजार वोट, तथा उनके समर्थन में प्रचार कर रहे पिछली बार के उम्मीदवार सुधाकर परिचारक के 73 हजार को मिलाकर कुल 1.30 लाख वोटों के मुकाबले राष्ट्रवादी को मिले 87 हजार वोट काफी कम लगते हैं। साथ ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल की रणनीतिक मजबूती का भी पार्टी को सीधा फायदा मिल रहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस को इसीलिए पहली बार इस सीट पर पहले के मुकाबले बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है।

भाजपा के समर्थन को मजबूती देने की कोशिश…

राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेताओं के मुकाबले प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल की आरएसएस की पृष्ठभूमि तथा उनकी सादगी व सरल व्यवहार यहां के उम्मीदवार के लिए बड़ी ताकत साबित हो रहा है। भाजपा उम्मीदवार समाधान आवताड़े भी यहां काफी लोकप्रिय हैं, तथा सामाजिक क्षेत्रों में भी उनका काफी जुड़ाव मजबूत रहा है। चंद्रकांत दादा पाटिल ने यहां अपने दो दिवसीय दौरे में विभिन्न जातियों, समुदायों व ज्यादातर वर्गों के सैकड़ों लोगों से व्यक्तिगत मुलाकात करके भाजपा की जीत को सुनिश्चित किया है। विधानसभा और विधान परिषद में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस और प्रवीण दरेकर ने भी यहां पर जबरदस्त प्रचार करके भाजपा के समर्थन को मजबूती देने की कोशिश की है।

सत्ता के समीकरण भाजपा के समर्थन में होना आसान…

भाजपा ने इस विधानसभा उपचुनाव में जीत के लिए अपने हर स्तर के कैडर को पूरी तरह से झोंक दिया है। भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल को मराठा होने की वजह से यहां के 55 प्रतिशत मराठा मतदाता समुदाय में जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है, इसका विशेष कारण यही है राष्ट्वादी कांग्रेस मराठा समाज को आरक्षण दिलाने के मामले में असफल साबित हुई है। हालांकि शरद पवार का यहां पर काफी सम्मान है, लेकिन चुनाव के दौरान 22 प्रतिशत धनगर व 55 प्रतिशत मराठा दोनों में से ज्यादातर लोग भाजपा के साथ हैं, इसीलिए सत्ता के समीकरण भाजपा के समर्थन में होना आसान दिख रहा हैं।

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