मां विन्ध्यवासिनी के धाम में साक्षात दिखाई पड़ी यह धारणा, कोरोना हनन में योगी-योगेश्वर की सुपर प्लानिंग

रोग के पीछे नहीं आगे रहने की नसीहत, बस इरादा हो गाढ़ा

– सलिल पांडेय
मिर्जापुर. पौराणिक उद्धरणों के अनुसार योग के दो प्रवर्तकों में देवाधिदेव महादेव ‘योगीश’ हैं तो नारायण स्वरूप श्रीकृष्ण ‘योगेश्वर’। पुराण की यह धारणा धर्मशास्त्रों के अनुसार विशिष्ट महीनों में शामिल वैशाख के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी तिथि को मां विन्ध्यवासिनी के धाम में साक्षात दिखाई पड़ी जब यूपी हेड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) इलेक्ट्रॉनिक उड़नखटोले से आरक्षी क्षेत्र पुलिस लाइन में उतरे तब उनके स्वागत में मंडलीय हेड कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र (Yogeshwar Ram Mishra) मंडल मुख्यालय मिर्जापुर (Mirzapur) में कोरोना जैसे प्राणघातक विषाणु के हनन के लिए प्रवीणता से लक्ष्य बनाकर धनुष साधे तत्पर DM प्रवीण कुमार लक्षकार (Praveen Kumar Lakshkar) के साथ दौड़ पड़े। फिर शुरू हुआ कोरोना-उन्मूलन का जो भी महाप्रयास, उसमें DIG जे रविन्द्र गौड़ (Ravindra Gaur) अपने नाम के प्रथम संक्षिप्त अक्षर ‘जे’ को जोगेश्वर रूप में ढाल कर SP अजय सिंह (Ajay Singh) को कोरोना से रण में अजेय रहने के महामंत्र से शक्तिमान कर रहे थे।

Up के CM का इरादा गाढ़ा…

आकाश-मार्ग से धरती पर कदम रखने के बाद मुख्यमंत्री योगी जैसे हवा पीकर पूरे योगी हो गए। जहां-जहां गए, प्लेट में सुस्वादु व्यंजन तक प्रस्तुत हुए लेकिन मस्तिष्क में कोरोनाराज को नेस्तनाबूद करने का चिंतन-चक्र नाच रहा था। कमिश्नरी में मध्याह्न-आहार की तैयारी की गई थी, लेकिन मां विन्ध्यवासिनी के श्रीचरणों से शक्ति-अर्जित करने की भावना पूर्णिमा तिथि की पूर्व बेला में समुद्र लहरों की तरह उछल रही थी लिहाजा केवल वायु-ग्रहण कर वर्चुअल मीटिंग करते रहे। यहां व्यंजनों में क्या-क्या नहीं रखा गया लेकिन उधर देखा तक नहीं। कोरोना-कॉल में अति प्रचलित तुलसी की पत्ती तथा अन्य औषधियों का काढ़ा भी रखा गया, लेकिन भक्ति का रंग ही गाढ़ा दिखा।

प्रोफेसरों को 15 दिन के अंदर हाजिर होने का फरमान…

कदम-दर-कदम कोरोना से पीछे नहीं आगे चलने का पाठ पढ़ाते दिखे योगीश्री। कमिश्नरी की वर्चुअल गोष्ठी में तीनों जिलों की टेस्टिंग को दोगुना करने पर बल देते रहे। स्वच्छता-क्रांति का महामंत्र आत्मसात करने की अपील की। स्वास्थ्य-सेवाओं की चुस्ती के क्रम में झांसी से आए मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ नरेंद्र सिंह तोमर से कहा कि यहां का भी मेडिकल कालेज तत्काल चालू किया जाए। उनके निर्देश के बाद यहां तैनाती पाए प्रोफेसरों को 15 दिन के अंदर हाजिर होने का फरमान जारी किया गया।

इसलिए नहीं बोल सके तिवारी…

नुआंव गांव जब वे गए तब कोरोना की वजह से महीनों से पीड़ित ज्ञान तिवारी की पत्नी का हाल जाना। स्कूल पर लगी 26 कुर्सियों पर आशा, आंगनवाड़ी के बीच बैठे ज्ञान तिवारी (Gyan Tiwari) बोल इसलिए नहीं सके, क्योंकि उनकी पत्नी कोरोना निगेटिव तो हो गई हैं, लेकिन कैंसर से अभी भी पीड़ित हैं और वाराणसी में भर्ती हैं। उनके न बोल पाने पर DM ने सारी स्थिति से अवगत कराया।

गांव में कोई खांसे या छींके तो उसे अपशकुन…

मुख्यमंत्री निगरानी समिति को फुर्तीला बनाने पर जोर दे गए। 26/5 को शपथ लेते ही वे देंखे कि गांव में कोई खांसे या छींके तो उसे अपशकुन मानकर वे तत्काल उपचार में लग जाएं, यह संदेश मुख्यमंत्री का था।

प्रसन्न भाव से विदा हुए योगी…

मण्डल से लेकर जिला स्तर तक अधिकारियों को जागकर मुख्यमंत्री विजिट की तैयारी तब सार्थक लगा, जब योगी प्रसन्न भाव से विदा हुए।

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