अपने व्यापारियों को फ्री AEPS सेवाएं उपलब्ध कराएगी ये, रैपीपे ने इसलिए उठाया कदम

ट्रांजैक्शन वैल्यू के मामले में कैश ऑउट बिजनेस मार्च 2021 के मुकाबले अप्रैल 2021 में 30 प्रतिशत से बढ़ा अधिक

– NDI24 नेटवर्क
दिल्ली / मुंबई.
भारत में सरकार के वित्तीय समावेशन वाले एजेंडे को सुगम एवं संभव बनाने के लिए (खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाजनक बनाने हेतु) (Aadhaar Enabled Payment System) अग्रणी असिस्टेड पेमेंट्स फिनटेक कंपनी रैपीपे (RapiPay) ने व्यापारियों तथा रिटेलरों को मुफ्त AEPS (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) सेवाएं प्रदान करने की घोषणा की है। कंपनी के इस कदम से लाखों भारतीयों को लाभ मिलेगा और वे अपने आस-पड़ोस में स्थित रैपीपे एजेंट ऑउटलेट से नकद राशि निकाल सकेंगे। यह मुफ्त AEPS एक्टिवेशन ज्यादा से ज्यादा रिटेलरों को ग्राहक सेवाएं प्रदान करने तथा अपना कारोबार बढ़ाने के लिए AEPS सेवाएं शुरू करने हेतु प्रोत्साहित करेगा। रैपीपे अपने एजेंटों की 1 लाख से ज्यादा नई AEPS आईडी सक्रिय करने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसका अर्थ है लोगों के लिए और 1 लाख एटीएम मशीनें उपलब्ध होना।

वन-टाइम फीस न वसूलने का बड़ा और महत्वपूर्ण कदम…

बीते एक साल में इस महामारी ने हर वर्ग के लोगों, खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वालों लोगों की आर्थिक गतिविधियों पर बुरा असर डाला है। इसकी सबसे बड़ी मार छोटे स्थानीय बिजनेस को झेलनी पड़ी है। इस मुश्किल भरे दौर को वही बिजनेस पार कर पाए हैं, जिन्होंने डिजिटल माध्यमों का सर्वोच्च एवं सर्वोत्तम उपयोग किया तथा अपने बिजनेस टिकाए रखने के लिए कई रास्ते अपनाए हैं। रैपीपे ऐसी ही एक कंपनी है, जो दुकानदारों तथा रिटेलरों को असिस्टेड पेमेंट्स की सुविधा उपलब्ध कराती है और वंचित आबादी तक बैंकिग सेवाएं पहुंचाती है। वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए रैपीपे ने ज्यादा से ज्यादा व्यापारिक भागीदारों एवं ग्राहकों को डिजिटल ट्रांजैक्शन अपनाने में सक्षम बनाने के लिए अपनी वन-टाइम फीस न वसूलने का बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

इंडस्ट्री का सबसे अच्छा कमीशन…

इस घोषणा को करते हुए रैपीपे के सीईओ योगेन्द्र कश्यप (Yogendra Kashyap) ने कहा कि एक ऐसे दौर में, जहां छोटे बिजनेस और आम लोग आंशिक लॉकडाउन, सोशल डिस्टेंसिंग, कर्फ्यू वगैरह जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, बैंकिंग सेवाओं से वंचित आबादी तक आसान बुनियादी वित्तीय सेवाएं पहुंचाना सबसे अहम और सर्वोपरि है। यह कदम AEPS का इस्तेमाल करने में लाखों रिटेलरों की मदद करेगा और उपभोक्ताओं को नकद निकासी की सुविधा पेश करेगा। रैपीपे साथियों को इस इंडस्ट्री का सबसे अच्छा कमीशन भी मिलता है। लॉकडाउन की दूसरी लहर के साथ हम पहले ही देख चुके हैं कि AEPS में हमारा कैश ऑउट बिजनेस 30 प्रतिशत बढ़ा है तथा माइक्रो एटीएम ट्रांजैक्शन वैल्यू मार्च 2021 के मुकाबले अप्रैल 2021 में 27 प्रतिशत बढ़ी है।

 सुविधाओं का लाभ सफलतापूर्वक मिल रहा…

महामारी के दौरान बीते एक साल में रैपीपे ने कोविड-पूर्व से लेकर मार्च 2021 तक 250 प्रतिशत से अधिक की जबर्दस्त वृद्धि दर्ज की है। फरवरी 2020 में कंपनी के एजेंटों की संख्या 50 हजार थी, जो अप्रैल 2021 में चार गुना बढ़कर 2 लाख हो गई! भारत के अंदरूनी और ग्रामीण इलाकों में रैपीपे की उपस्थिति के बल पर बैंकिंग सेवाओं से वंचित लोगों को सरकार की कैशलेस पहल और डीबीटी ट्रांसफर जैसी सुविधाओं का लाभ सफलतापूर्वक मिल रहा है।

 लाखों ग्राहकों को नकद निकासी की सुविधा…

बैंकिंग बिजनेस कॉरेपोंडेंट्स के द्वारा लोगों को उनके दरवाजे पर प्रदान की जा रही सेवाओं के चलते लॉकडाउन के दौरान AePS एवं माइक्रो एटीएम की मांग में भारी वृद्धि देखी गई। महामारी के दौरान AePS एवं माइक्रो एटीएम ने जन धन योजना, पीएम-किसान सम्मान निधि आदि के तहत मिले लाभों से लाखों ग्राहकों को नकद निकासी की सुविधा प्रदान की है।

 रैपीपे के बारे में

एस. के. नरवर द्वारा प्रवर्तित रैपीपे फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड मनी ट्रांस्फर, आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS), माइक्रो एटीएम और पेमेंट्स जैसी अनेक सेवाएं प्रदान करके देश में वित्तीय समावेशन वाली सेवाओं के विकास में मददगार बनी हुई है। रैपीपे अपने 1.5 लाख से अधिक रिटेलरों (रैपीपे साथियों) वाले एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के दम पर प्रतिमाह 1 करोड़ से अधिक वंचित उपभोक्ताओं को बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं प्रदान करती है। रैपीपे कैपिटल इंडिया फाइनेंस लिमिटेड (सीआईएफएल) (Capital India Finance Limited) की एक अनुषंगी कंपनी है।

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