एक जनपद, एक उत्‍पाद को बेहतर तकनीक व प्रबंधन देंगे UP के छात्र
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अलीगढ़ के ताले और कन्‍नौज के इत्र को तकनीक व प्रबंधन से जोड़ेंगे छात्र

– NDI24 नेटवर्क
लखनऊ.
उत्तर प्रदेश सरकार की ए‍क जनपद, एक उत्‍पाद योजना को प्रदेश के तकनीकी और प्रबंधन संस्‍थानों के छात्र-छात्राएं एक नई दिशा देंगे। ओडीओपी के तहत अलीगढ़ के तालों को कैसे तकनीक से जोड़ कर और बेहतर बनाया जाए, या फिर कन्‍नौज के इत्र और भदोही के कालीन की अन्‍तर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर प्रबंधन में क्‍या नयापन हो। इसके सुझाव अब छात्र देंगे। ओडीओपी से छात्रों को जोड़ने के लिए उत्‍तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्‍म मध्‍यम एवं लघु उद्योग विभाग ने डॉ एपीजे अब्‍दुल कलाम प्राविधि‍क विश्‍वविद्यालय के साथ मिल कर नवंबर के अंत में हैकाथन का आयोजन करेगा। इसमें ओडीओपी पर छात्रों से सुझाव लिए जाएंगे। इसमें 250 से अधिक संस्‍थानों के छात्रों के शामिल होने की उम्‍मीद है।

नई पहचान दिलाने का काम…

एक जनपद-एक उत्पाद उत्‍तर प्रदेश सरकार की महत्‍वाकांक्षी योजना है। इसका उद्देश्य प्रदेश के अलग अलग जनपदों में बनने वाले उत्‍पादों को अन्‍तर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर पहचान दिलवाना और कामगारों को रोजगार के अवसर उपलब्‍ध करा कर उन्‍हें आत्‍मनिर्भर बनाना है। उत्‍तर प्रदेश में ऐसे उत्‍पाद बनते हैं, जो पूरे देश में कहीं नहीं बनते हैं। इसमें प्राचीन एवं पौष्टिक कालानमक चावल, फिरोजाबाद का कांच उत्‍पाद, मुरादाबाद का पीतल उद्योग, दुर्लभ एवं अकल्पनीय गेहूं डंठल शिल्प, विश्व प्रसिद्ध चिकनकारी, कपड़ों पर जरी-जरदोजी का काम, मृत पशु से प्राप्त सींगों व हड्डियों से अति जटिल शिल्प कार्य आदि है। इन कलाओं से ही उन जनपदों की पहचान होती है। इनमें से तमाम ऐसे उत्पाद हैं जो अपनी पहचान खो रहे थे। तकनीक एवं प्रबंधन के जरिए उत्‍तर प्रदेश सरकार एक जनपद एक उत्‍पाद योजना के तहत इन उत्‍पादों को नई पहचान दिलाने का काम कर रही है।

छात्रों में आत्‍मनिर्भरता आएगी…

एमएसएमई से समझौते के बाद एकेटीयू पूरे प्रदेश के 250 से अधिक तकनीकी व प्रबंधन संस्‍थानों के छात्रों के लिए हैकाथन का आयोजन करेगा। इसमें बीटेक के छात्र-छात्राएं एक जनपद, एक उत्‍पाद योजना से जुड़े उत्‍पादों को कैसे तकनीक से जोड़कर बेहतर बनाया जाए, जिससे वह उत्‍पाद अन्‍तर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर नई पहचान बना सके। वहीं, विश्‍वविद्यालय से जुड़े प्रबंधन संस्‍थानों के छात्र उत्‍पादों के बेहतर प्रबंधन के सुझाव देंगे। एकेटीयू के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक बताते हैं कि छात्रों के इनोवेटिव आइडिया से उत्‍पादों को एक नई पहचान मिलेगी। प्रदेश के उत्‍पादों को बढ़ावा मिलने के साथ प्रधानमंत्री का आत्‍मनिर्भर भारत का सपना भी साकार होगा। छात्रों में आत्‍मनिर्भरता आएगी।

उत्‍पादों को आगे बढ़ाने का काम करेंगे…

राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बने नोडल सेंटर हैकाथन आयोजित करने के लिए यूपी के 14 इंजीनियरिंग कॉलेजों को नोडल सेंटर बनाया गया है। इसमें कन्‍नौज स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अपने आसपास जिलों के संस्‍थानों के छात्रों का पंजीकरण करेगा। इन संस्‍थानों के छात्र कन्‍नौज के इत्र, एटा का घुंघरू, आजमगढ़ की ब्‍लैक पॉटरी आदि उत्‍पादों को बढ़ावा देने का काम करेंगे। इसी तरह दूसरे जिलों के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज नोडल सेंटर बनकर अपने व आसपास के जिलों के उत्‍पादों को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।

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