यहां नहीं निकलेगा विजय जुलूस, हाई कोर्ट की फटकार के बाद चुनाव आयोग का फरमान

किसी भी तरह के जश्न पर पूरी तरह से रोक, बंगाल में एक चरण की वोटिंग बाकी

– NDI24 नेटवर्क
मद्रास. हाई कोर्ट की फटकार के बाद चुनाव आयोग (Election Commission) हरकत में आ गया है। आयोग ने पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद किसी भी तरह के विजय जुलूस या जश्न पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है। साथ ही आयोग ने कहा है कि नतीजों के बाद कोई भी प्रत्याशी सिर्फ दो लोगों के साथ ही अपनी जीत का सर्टिफिकेट लेने जा सकता है। विदित हो कि पश्चिम बंगाल (West Bengal), तमिलनाडु (Tamil nadu), असम (Assam), केरल (Kerala) और पुडुचेरी (Puducherry) के चुनाव के नतीजे 2 मई को घोषित किए जाने हैं। चार राज्यों में चुनाव खत्म हो गया है, जबकि बंगाल में एक चरण की वोटिंग बाकी है।

अकेले चुनाव आयोग जिम्मेदार : हाई कोर्ट

चुनाव आयोग ने यह कदम मद्रास हाई कोर्ट (Madras High Court) की फटकार के बाद उठाया है। कोर्ट ने कहा था कि कोरोना संक्रमण के प्रसार के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार है। कोविड-19 के संक्रमण की दूसरी लहर के बावजूद राजनीतिक दलों को चुनावी रैलियों की अनुमति देने को लेकर चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी ने कहा था कि चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ हत्या के आरोपों में मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। हाई कोर्ट ने कहा था कि कोरोना की दूसरी लहर के लिए किसी एक को जिम्मेदार ठहराना हो, तो इसके लिए अकेले चुनाव आयोग जिम्मेदार है। यह जानते हुए कि कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है, चुनावी रैलियों पर रोक नहीं लगाई गई।

प्लान नहीं तो मतगणना पर रोक…

इसके साथ ही हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को 2 मई को मतगणना को लेकर कोविड से जुड़ी गाइडलाइन्स और ब्लूप्रिंट तैयार करने के लिए कहा था। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि अगर प्लान नहीं बताया गया, तो मतगणना पर रोक लगा देंगे। कोर्ट ने कहा कि स्वास्थ्य सचिव के साथ मिलकर चुनाव आयोग 2 मई को होने वाली मतगणना के लिए प्लान तैयार करे और 30 अप्रैल तक कोर्ट के सामने पेश करे।

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