छात्राओं के बचाव के लिए हमें आगे आना चाहिए, विद्यापीठ में आयोजित महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय संगोष्ठी

स्वागत भाषण प्राचार्य डॉ. निशा सिंह ने दिया, डॉ. नीरज धनकड़ की ओर से दिया गया धन्यवाद ज्ञापन

– NDI24 नेटवर्क
वाराणसी. उत्तर प्रदेश सरकार कि ओर 31/08/21 से 31/12/21 तक संचालित मिशन शक्ति फेस 3 के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ का शुभारंभ महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में ओरियाना हॉस्पिटल वाराणसी की प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. श्वेता राय, विशिष्ठ अतिथि में रूप में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय, एवं कार्यक्रम संरक्षक एवं अध्यक्ष के रूप में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने दीप प्रज्वलन कर “बालिकाओं में बढ़ती सर्वाइकल कैंसर एवं हार्मोन असंतुलन की समस्या एवं बचाव” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जिसमें स्वागत भाषण महिला शक्ति फेस 3 की नोडल अधिकारी एवं विद्यापीठ की सहायक प्राचार्य डॉ. निशा सिंह ने की, कार्यक्रम का संचालन डॉ. किरण सिंह द्वारा किया गया, वहीं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नीरज धनकड़ के द्वारा दिया गया।

…तो हासिल कर सकते हैं महामारी पर विजय

मुख्य वक्ता डॉ. श्वेता राय ने कहा की “किस प्रकार वर्तमान में सर्वाइकल कैंसर एवं हार्मोन असंतुलन बढ़ता हुई एक महामारी का रूप ले चुका है। हमारा यह उद्देश्य है कि हम इसका बचाव किस प्रकार कर सकते हैं, जैसे सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन के विषय में जागरूकता अभियान चलाना, दिनचर्या में सुधार करना, प्रतिदिन व्यायाम एवं योग, खानपान में सतर्कता एवं लक्ष्मण की पहचान पर त्वरित डॉक्टर से परामर्श करना आदि महत्वपूर्ण कदम उठाने से हम इस महामारी पर विजय हासिल कर सकते हैं। जानकारी के अभाव में आज महिलाओं एवं छात्राओं का एक बहुत बड़ा वर्ग इससे पीड़ित है, हमारा यह कर्तव्य बनता है कि हम उनके सुरक्षा एवं बचाव के लिए आगे आएं।

समाज में एक अर्थ पूर्ण बदलाव…

कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. आनंद त्यागी ने कहा कि आज समाज की यह विडंबना है कि महिला को जननी कहा जाता हैं, उसकी पूजा होती हैं, उसके बावजूद आज हमे महिला सशक्तिकरण की बात करनी पड़ रही है। आज हमें यह समझना होगा कि महिला सभी क्षेत्रों में पुरुषों के समान ही प्रतिभावान हैं। हमें समाज को यह समझना होगा, उन्हें प्रेरित करना है, ताकि समाज में महिलाओं को उतना सम्मान मिले जिसकी वह हकदार हैं और इसी तरह एक दिन आएगा, जब महिलाओं का सम्मान हर जगह होगा और वह स्वयं में स्वावलंबी बन जाएंगी और तब कही हमे सशक्तिकरण की बात नहीं करनी पड़ेगी। इस संगोष्ठी में उपस्थित सभी लोगों की यह ज़िम्मेदारी बनती हैं कि वह एक प्रकाश स्तंभ के रूप में करें एवं समाज में एक अर्थ पूर्ण बदलाव लाएं।

ये महत्वपूर्ण लोग रहे उपस्थित…

इस कार्यक्रम में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलानुशासक प्रो. निरंजन सहाय, डॉ. के. के. सिंह, डॉ. संगीता घोष, डॉ. सुनील विश्वकर्मा, डॉ. अर्चना गोस्वामी, डॉ. अभिलाषा जयसवाल, डॉ. सुरेखा जयसवाल आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे ।

Share