Modi के डिजीटल युग में भी चालान के नाम पर काटी जा रहीं रसीदें
पत्रकार की अभिव्यक्ति और उसकी स्वतंत्रता पर हमला क्यों

Modi के डिजीटल युग में भी चालान के नाम पर काटी जा रहीं रसीदें

– NDI24 नेटवर्क
इंदौर. मध्य प्रदेश के इंदौर में मधुमिलन चौराहे पर यातायात पुलिस द्वारा हेलमेट के बहाने ‘मंथ एंड टारगेट’ को महिमामंडित करती यातायात पुलिस चालान काटने में जब मशगूल थी, ठीक वहीं इस मनमानी और भ्रष्टाचार को एक तेज-तर्रार पत्रकार ने पूरा वीडियो बना लिया। प्वॉइंट पर खड़े एक सिपाही द्वारा जब इस बात की भनक लग गई तो उसने तत्काल वहां मौज़ूद सूबेदार ब्रजलाल रोकडे अपना आपा खो बैठे और अपने वर्दी के गुरूर में एक पत्रकार द्वारा अपना परिचय देने के बाद भी बदतमीजी करने लगे। विदित हो कि कुछ इस तरह के वर्दीधारी ही पुलिस महकमे को बदनाम करने में तुले रहते हैं। एक तरफ  जहां ई-चालान काटने का प्रावधान है, ठीक वहीं दूसरी तरफ  इनके द्वारा रशीद काटी जा रही थीं। Videoमें कैद हुई पूरी वारदात…

आलाधिकारियों ने समझी मामले की गंभीरता

बहरहाल, मामले की गंभीरता को देखते हुए सूबेदार ब्रजलाल रोकड़े ने योगेश मिश्रा पुलिस अधिकारी को भी बुला लिया, लेकिन वे भी अपनी रौब में थे और न्यूज कवरेज ने करने के लिए पत्रकार को देख लेने तक की धमकी दे डाली। इस घटनाक्रम की सूचना मिलते ही वहां अन्य पत्रकार भी एकजुट होने लगे तो मामले को शांत कराने के लिए कुछ आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले पर पर्दा डालने का कार्य किया। विदित हो कि ब्रजलाल रोकड़े और योगेश मिश्र जैसे लोग जब अपने तरीके से पुलिस की महिमामंडित का काम करेंगे, तब तो पुलिस की छवि धूमिल होना लाजिमी ही है। अब देखना होगा कि एक पत्रकार के स्वतंत्रता पर इन अधिकारियों द्वारा जो प्रहार किया गया है। इस गंभीर मामले में जिला प्रशासन ने विभागीय जांच का हवाला देते हुए दिलासा दिया है।

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